गुलदार की हर हरकत पर नजर, अब रेडियो कॉलर की मदद से सेटेलाइट के जरिये

उत्तराखंड में पहली बार गुलदार को रेडियो कॉलर किया गया है। मंगलवार तड़के रेडियो कॉलर लगाने के बाद हरिद्वार के जंगल में गुलदार को छोड़ा गया है। अब रेडियो कॉलर की मदद से सेटेलाइट के जरिये गुलदार की हर हरकत पर नजर रखी जा सकेगी।

  • पहली बार रेडियो कॉलर के सफलतापूर्वक लगाए जाने के बाद अब देहरादून, राजाजी पार्क और हरिद्वार डिवीजन में 12 अन्य गुलदारों पर इन्हें लगाया जाएगा। इसके अलावा कुंभ क्षेत्र में 15 हाथियों को भी रेडियो कॉलर किया जाना है।
  • चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग ने बताया कि हरिद्वार, देहरादून और राजाजी पार्क क्षेत्र में पिछले कुछ सालों में मानव और गुलदारों के बीच संघर्ष की काफी घटनाएं हुईं हैं। इन्हें रोकने के लिए काफी कुछ किया गया है, लेकिन अच्छे नतीजा सामने नहीं आए।
  • इसके बाद इन क्षेत्रों में करीब 13 ऐसे गुलदार चिह्नित किए गए हैं, जिनका मूवमेंट लगातार आबादी क्षेत्र में होता है। इनमें से ज्यादातर मानव वन्यजीव संघर्ष के लिए जिम्मेदार हैं।
  • ऐसे में इनके हर मूवमेंट पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलर की योजना बनाई गई। केंद्र से इसके लिए मंजूरी मांगी गई थी।
  • जेएस सुहाग के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद भारतीय वन्जीव संस्थान के विशेषज्ञों की मदद से सोमवार रात हरिद्वार में एक गुलदार को रेडियो कॉलर लगाया गया।
  • गुलदार को तड़के जंगल में छोड़ दिया गया है। ये पहली मौका है, जब राज्य में किसी गुलदार को रेडियो कॉलर लगाया गया हो।
  • सुहाग के अनुसार, जैसे ही वह आबादी की ओर आने लगेगा, उसका मूवमेंट पता चलते ही उसे वापस जंगल में भगा दिया जाएगा। इससे मानव और गुलदार के बीच संघर्ष को रोका जा सकेगा।