व्यवस्थाओं पर गम्भीरता से विचार-विमर्श

चमोली। माॅ अनुसूया देवी मेले की तैयारियों को लेकर श्री अनुसूया मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष बीएस झिक्वांण की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में बैठक संपन्न हुई। बैठक में संबधित विभागों के प्रतिनिधियों के साथ मेले में शांति, सुरक्षा, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई सहित अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं को चाक-चैबन्द रखने व मेले के सफल संचालन हेतु अन्य व्यवस्थाओं पर गम्भीरता से विचार-विमर्श किया गया।

इस वर्ष माॅ अनुसूया देवी मेला 02 व 03 दिसंबर को आयोजित होगा। मेले से पूर्व पैदल मार्ग व मन्दिर परिसर से अत्री मुनि आश्रम तक मार्ग को दुरस्त करने तथा मार्ग में अस्थायी पुलों की व्यवस्था करने के निर्देश लोनिवि अधिकारियों को दिये गये। अनुसूया देवी मंदिर पैदल मार्ग चढाई पर होने के साथ-साथ वर्षा और ठंड से यात्रियों की सुविधा हेतु दो-तीन उपयुक्त स्थानों पर टिन सेड बनाने के लिए पर्यटन विभाग को समुचित कार्यवाही करने को कहा गया।

मंन्दिर परिसर व पैदल मार्ग में पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाये रखने के लिए जल संस्थान को, मार्ग में पर्यावरण संबधित स्लोगन/पोस्टर चस्पा करने एवं आग जलाने के लिए लकड़ियों की व्यवस्था हेतु वन विभाग को, मन्दिर की साज-सज्जा के लिए फूल मालाओं की व्यवस्था करने के निर्देश उद्यान अधिकारी को दिये गये। बैठक में तय किया गया कि मेले के दौरान मेडिकल टीम की तैनाती एवं डिस्पेन्सरी की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जायेगी तथा मेले से पूर्व एवं मेले के उपरान्त स्वच्छता व्यवस्था जिला पंचायत व एनएसएस छात्रों द्वारा की जायेगी।

मेला अवधि में विद्युत व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विद्युत विभाग, शांन्ति एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया। महिला एवं युवक मंगल दलों के माध्यम से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन तथा स्वयं सेवको की तैनाती युवा कल्याण विभाग से की जायेगी वही सूचना विभाग में पंजीकृत सांस्कृतिक दलों के माध्यम से भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा।

मेले में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं से भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने हेतु जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया। सांस्कृतिक टीमों को पुरस्कार वितरण की व्यवस्था के लिए नेहरू युवा केन्द्र को निर्देशित किया गया। मेले के उद्घाटन हेतु मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के मुख्यमंत्री को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में सदस्यों एवं अधिकारियों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे जिन पर गम्भीरता से विचार-विमर्श के उपरान्त आवश्यक निर्णय लिये गये।

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