एक दिन के विधानसभा सत्र से वर्चुअली जुड़े, तमाम रिकार्ड कायम हुए

  • कोरोना के साये में हुए एक दिन के विधानसभा सत्र
  • पहली बार विधायकों को सत्र में वर्चुअली जुड़ने का मौका
  • जिला मुख्यालय से जुड़ने की व्यवस्था की और यह व्यवस्था पूरी तरह सफल रही
  • सदन में सुबह 19 विधेयक और 10 अध्यादेश पेश किए गए
  • कोरोना संक्रमण की वजह से कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत व राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत को सदन की कार्यवाही से बाहर रहना पड़ा
  • सत्र शुरू होने से पूर्व विधानसभा सचिवालय ने विधायकों-मंत्रियों की कोरोना जांच कराई। जो विधायक बिना जांच के पहुंचे उन्हें एंटीजन जांच के बाद प्रवेश मिला।
  • संक्रमण के डर से अफसर भी सीमित संख्या में बुलाए गए जबकि विधायकों के प्रश्नों के जबाव भी ईमेल-वाट्सएप से दिए गए।
  • विधानसभा की कार्यवाही पहली बार बिना पत्रकार और दर्शकों के हुई।

कोरोना के साये में हुए एक दिन के विधानसभा सत्र में बुधवार को तमाम रिकार्ड कायम हुए। विधायक जहां पहली बार सत्र से वर्चुअली जुड़े, वहीं सभा मंडप की तस्वीर भी अलग नजर आई। छह फीट की अनिवार्य दूरी बनाने के लिए विधायकों को पत्रकार और दर्शक दीर्घा में बैठाया गया, जबकि कुछ विधायक फंक्शन हॉल से सत्र से जुड़े। एक ही दिन में सरकार ने 19 विधेयक सदन के पटल पर पेश  किए और उन्हें पारित कराया।

मानसून सत्र की कार्यवाही से वर्चुअली जुड़े विधायक

  • उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार विधायकों को सत्र में वर्चुअली जुड़ने का मौका मिला। 14 विधायकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया और वे अपने जिले से ही वर्चुअल तरीके से विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुए।
  • कोरोना संक्रमण को देखते हुए विधानसभा सचिवालय ने एनआईसी के सहयोग से जिला मुख्यालय से जुड़ने की व्यवस्था की और यह व्यवस्था पूरी तरह सफल रही।
  • राज्य गठन के बाद यह पहला मौका था जब विधायक जिला मुख्यालय से ही सत्र से जुड़े और उन्हें उपस्थित भी माना गया। 

विधेयक एक ही दिन में सदन में पेश और पास

  • विधानसभा की कार्य संचालन नियमावली 2005 के अनुसार कोई भी विधेयक एक दिन पेश किया जाएगा और फिर अगले दिन उस पर विचार के बाद उसे पास किया जाएगा।
  • लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से एक ही दिन का सत्र बुलाए जाने की वजह से सदन में सुबह 19 विधेयक और 10 अध्यादेश पेश किए गए।
  • जबकि शाम को भोजनावकाश के बाद उन्हें पारित कर दिया गया। इसके लिए दिन मे कार्य मंत्रणा की बैठक कर दोबारा कार्यसूची तैयार करनी पड़ी। 

कोरोना के चलते कार्यवाही से बाहर रहे कई मंत्री-विधायक 

कोरोना संक्रमण की वजह से कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत व राज्यमंत्री डॉ.धन सिंह रावत को सदन की कार्यवाही से बाहर रहना पड़ा। इसके अलावा भाजपा के सात जबकि कांग्रेस के तीन विधायक भी कोरोना की वजह से सत्र में भाग नहीं ले पाए। 

विधानसभा में आने के लिए दिखानी पड़ी रिपोर्ट 

ऐसा भी पहली बार हुआ जब विधायकों को सत्र में शामिल होने के लिए अपने स्वस्थ होने का प्रमाण देना पड़ा। सत्र शुरू होने से पूर्व विधानसभा सचिवालय ने विधायकों-मंत्रियों की कोरोना जांच कराई। जो विधायक बिना जांच के पहुंचे उन्हें एंटीजन जांच के बाद प्रवेश मिला।

पत्रकार और दर्शकों के बिना हुई सत्र की कार्यवाही 

विधानसभा की कार्यवाही पहली बार बिना पत्रकार और दर्शकों के हुई। कोरोना के साये में हुए इस सत्र में सभा मंडप का विस्तार पत्रकार, दर्शक दीर्घा और विधानसभा के फंक्शन हॉल तक करना पड़ा। संक्रमण के डर से अफसर भी सीमित संख्या में बुलाए गए जबकि विधायकों के प्रश्नों के जबाव भी ईमेल-वाट्सएप से दिए गए।