उत्तराखंड में बनेगा किसान आयोग

cm-harish-news-sketchदेहरादून। कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी और किसानों की तमाम समस्याओं के निदान के लिए सरकार उत्तराखंड किसान आयोग का गठन करेगी। इससे संबंधित विधेयक आगामी गैरसैंण विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा राज्य में अब विधायक निधि से सरकारी शिक्षण संस्थाओं के लिए बसों की खरीद की जा सकेगी। पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को लीज पर भूमि लेने के लिए सरकार ने एक लाख का अनुदान देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक शुरू हुई। कैबिनेट ने गैरसैंण सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने को मंजूरी दे दी। एक महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने राज्य में शिक्षण संस्थाओं के लिए विधायक निधि से बसों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी।पहले प्रस्ताव गैरसैंण महाविद्यालय में बसों की खरीद का लाया गया, मगर बाद में इसे सभी शिक्षण संस्थाओं पर लागू करने का निर्णय लिया गया।

राज्य में पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन के क्रम में सरकार ने इन्हें सरकारी, ग्राम पंचायत या निजी भूमि खरीदने के लिए एक लाख की धनराशि अनुदान के रूप में देने का निर्णय लिया।

उत्तराखंड किसान आयोग के गठन के लिए आगामी सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयक पर भी मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी। एक अन्य अहम निर्णय में सरकार ने विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2008 के प्रावधानों में संशोधन कर दिया। इसके मुताबिक वर्गीकृत श्रेणी ए, बी के जिलों के क्षेत्रों में किसी औद्योगिक उपयोग के लिए ली गई भूमि का उपयोग न हो पाने की स्थिति में खरीददार को स्वयं औद्योगिक आस्थान विकसित करने की अनुमति होगी। अन्य उद्यमियों को भी आस्थान में भूमि खरीद पर स्टांप शुल्क में छूट मिल सकेगी।

अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए उत्तर प्रदेश अधिवक्ता कल्याण निधि अधिनियम 1974 में संशोधन पर भी कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। देहरादून की विकासनगर तहसील के अंतर्गत कोल्हूपानी में रक्षा मंत्रालय को पांच एकड़ भूमि दिए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया। रिवर डेवलेपमेंट एक्ट को स्वीकृति प्रदान कर दी गई। इसे अब आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।

उत्तराखंड पशु चिकित्सा फार्मेसी सेवा संशोधन नियमावली पर भी मंत्रिमंडल की बैठक में मुहर लगाई गई। इसके अलावा मोबाइल स्टोन क्रशर स्क्रीनिंग प्लांट अनुज्ञा नीति 2015 में संशोधन कर इसका दायरा बढ़ा दिया गया।


कैबिनेट के फैसले:

-विधायक निधि से शिक्षण संस्थाओं के लिए बस खरीद को मंजूरी
-गैरसैंण सत्र में पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट पर लगी मुहर
-महिला स्वयं सहायता समूहों को लीज पर भूमि के लिए एक लाख
-विशेष एकीकृत औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2008 में किया संशोधन