Three steps Indo-Nepal border में रेलवे परियोजना

भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र में तीन फेज में होगा स्वीकृत रेलवे परियोजना का कार्य। डीआरएम कार्यालय समस्तीपुर के सूत्रों के अनुसार प्रथम फेज में जयनगर से कुर्था तक 34 किमी तैयार रेलवे पटरी पर ट्रेन परिचालन की ट्रायल कर लिया गया है। जयनगर स्थिति नेपाली रेलवे स्टेशन पर ट्रैक, सिगनल,स्टेशन रूम,टिकट कांउटर आदि बना दिये गये हैंं।

भारत-नेपाल के बीच पहले छोटी रेल इंजन व साधारण बोगी वाली ट्रेन जयनगर-जनकपुर तक महज बिल्कुल कम स्पीड में चलाई जाती थी लेकिन कई तकनीकी गड़बड़ी के कारण इस सवारी गाड़ी को बंद कर दिया गया था।

इसी बीच भारत सरकार के साथ नेपाल सरकार का रेलवे परियोजना समझौता होने के बाद 64 किमी (बीजी लाइन) बड़ी रेलवे लाइन बिछाने की प्रक्रिया यहां शुरू की गई। जिले के जयनगर अनुमंडल से नेपाल वर्दीवास तक 64 किमी ट्रेन परिचालन का आपसी समझौता अब साकार हो रहा है।

यहां तीन फेज में जयनगर -वरदीबास रेल परियोजना का कार्य अभी चल रहा है जिसमें प्रथम फेज का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें जयनगर से कुर्था तक 34 किलोमीटर ट्रेन की पटरी बिछ गई है जिस पर गाड़ी का परिचालन यथाशीघ्र किया जाएगि। एक जोड़ी पैसेंजर गाड़ी इस रूट पर चलाने की योजना अभी बनाई गई है।

दूसरे फेज में कुर्था से बिजलपुर 17 किलोमीटर रेलवे का निर्माण होना है जबकि तीसरे फेज में 13 किमी विजलपुरा से वरदीबासस के बीच ट्रेन सेवा बहाल होगी लेकिन इसमें समय लगेगा जिसका मूल कारण यह है कि इस इलाके का भूमि अधिग्रहण नहीं हुआ है। इसलिए निर्माण कार्य इरकान कंपनी ने रोक दिया है।

यहां पर बिजलपूरा से लेकर के जयनगर के बीच कुर्था जनकपुर तक 64 किलोमीटर रेल रेल पटरी के निर्माण में 142 पुुुलों का निर्माण किया गया है। इसमें 19 बड़े पुल और 123 छोटे पुल हैंं। बिजलपुरा- बरदिबास रेलखंड पर भूमि अधिग्रहण का मामला समाप्त होते ही यहां भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।