मुख्यमंत्री ने किया लच्छीवाला नेचर पार्क रिडेवलपमेंट कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

  • नेचर पार्क में संचालित होने वाली 28 विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।
  • पार्क की कई गतिविधियां देश में अपनी विशिष्टता वाली हो इसका ध्यान रखने के दिये निर्देश।
  • पार्क की गतिविधियां बच्चों को शिक्षित करने वाली हो।
  • सभी आयु वर्ग के लोगों को मिले प्राकृतिक सौन्दर्य की अनुभूति।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को डोईवाला क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।

  • मुख्यमंत्री ने लच्छीवाला नेचर पार्क के रिडवलपमेंट कार्यों का निरीक्षण करते हुए इसे प्रकृति से जुडा अपनी विशिष्टता वाला नेचर पार्क बनाने के निर्देश दिये।
  • उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वातावरण एवं जलश्रोत से परिपूर्ण यह स्थल सभी आयु वर्ग के लोगों को प्राकृतिक सौन्दर्य की अनुमति कराने में मददगार होगा।
  • उन्होंने कहा कि इसके सौन्दर्यीकरण आदि के लिये 5 करोड़ की धनराशि की व्यवस्था की गई है।
  • शीघ्र यह नेचर पार्क अपने भव्य स्वरूप में देश के पर्यटकों के सामने आये इसके लिए पार्क के अधीन विकसित की जाने वाले सभी गतिविधियों को भव्यता के साथ अन्तिम रूप दिया जाय।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क बच्चों के लिये प्रकृति से जुड़ने में भी मददगार होगा।
  • उन्होंने कहा कि पार्क के अन्दर विकसित की जाने वाली नेचर ट्रेल, केनोपी वाक, मल्टीमीडिया फाउन्टेन पार्क देश की अपनी तरह की होगी। चिल्ड्रन जिम, टाय ट्रेन, म्यूजियम पार्क, हर्बल एवं एरोमेटिक गार्डन आदि गतिविधियां लोगो के आकर्षण का केन्द्र बनेगी।
  • पार्क के रिडेवलपमेंट के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री को कन्जरवेटर शिवालिक एवं निदेशक देहरादून जू श्री पी.पात्रो ने विस्तृत रूप से अवगत कराया।
  • इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने डोईवाला में निर्मित होने वाले तहसील भवन एवं डोईवाला, डिग्री कॉलेज परिसर में निर्मित किये जा रहे गर्ल्स हास्टल का भी निरीक्षण किया।
  • उन्होंने निर्माण कार्यो में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए इन्हें पर्वतीय शैली में निर्मित किये जाने की बात कही।
  • उन्होंने 04 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले तहसील भवन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में भी विकसित करने को कहा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, जिलाधिकारी देहरादून श्री आशीष श्रीवास्तव, अपर सचिव श्री सुरेश चन्द्र जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।