व्यंग्य : हाय रे बुखार

ललित शौर्य बुखार! बुखार निर्दयी नहीं होता वो कभी-कभी दयालु और कृपालु भी होता है। माल कमाई का जरिया भी होता है। ये जेब भरने की मशीन बन जाता है। … Read More