स्थायी अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सम्मान

सरकार द्वारा हाल ही में हाई कोर्ट में नियुक्त हुए स्थायी अधिवक्ता, डॉ० सुहास जोशी को संविधान दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा सम्मानित किया गया। श्री जोशी को यह सम्मान उनके द्वारा संपादित एवं लेक्सिसनेकसिस इंडिया द्वारा प्रकाशित किताब ‘लॉ ऑन इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स’ पर प्राप्त हुआ है।

पिछले वर्ष भी श्री जोशी को यह सम्मान उनकी किताब ‘मैन्युअल ऑन कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया’ पर मिला था। मूलतः ग्राम माला (बोरारौ, अल्मोड़ा) निवासी डॉ० सुहास जोशी सर्वोच्च न्यायालय में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी हैं। श्री जोशी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से आधुनिक भारत के इतिहास में स्नातकोत्तर करते हुए ही यूजीसी नेट परीक्षा उत्तीर्ण की।

तदोपरांत ‘कास्ट डायनामिक्स एंड स्ट्रेटिफिकेशन इन कुमायूं हिमालयाज’ विषय पर पीएचडी प्राप्त करी। उसके बाद उच्च शिक्षा में विसंगतियों को देखते हुए, उससे मोहभंग हो कर दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की, और इंडियन सोसाइटी ऑफ इंटरनेशनल लॉ, नई दिल्ली से ह्यूमन राइट्स एवं एविएशन लॉ में पृथक पृथक पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्राप्त किये।

पूर्व में श्री जोशी भारत सरकार में कानून मंत्री रहे डॉ० अश्वनी कुमार एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के वर्तमान माननीय न्यायाधीश श्री वी० कामेश्वर राव के सहायक अधिवक्ता भी रह चुके हैं। श्री जोशी भारतीय संविधान में रुचि रखते हैं।

वे लेक्सिसनेकसिस इंडिया के एडिटोरियल कंसलटेंट भी हैं, तथा पूर्व में लेक्सिसनेकसिस द्वारा प्रकाशित कई विधी विषयक संदर्भ ग्रंथों का उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों के साथ संपादन कर चुके हैं। श्री जोशी की विद्यालयी शिक्षा बिरला पब्लिक स्कूल, पिलानी, राजस्थान एवं पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार, नैनीताल में हुई है।

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