सोने की चिडि़या, 100 रूपये की चिडिया बनकर रह गयी

 uffffffffffffहमारा भारत सोने की चिडि़या कहलाता था। मगर आज पूरा भारत 1000-500 के चक्कर में 100 रूपये के पीछे भाग रहा है। जन जन आज दर दर की ठोकर खा रहा है। इस समय पुरे देश में कालेधन को लेकर चर्चा है कुछ लोग पीएम मोदी के इस फैसले को सही बता रहे है तो कुछ लोग उनको गालियां दे रहे है। इस कड़ी में पीएम मोदी आज एक बड़ा फैसला ले सकते है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज पीएम एक बड़ा ऐलान करने वाले है।

जानकारी के मुताबिक प्रत्येक खाते में जमा करने वाली धन राशि को ढाई लाख से बढ़ाकर दस लाख करने वाले है। यदि ऐसा हो जाता है तो जनता को इसका भरपूर लाभ मिलेगा और अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने में कामयाब हो सकेगा। हलाकि इस खबर में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि हिंदी न्यूज इण्डिया नही करता है।

4657efb9-bb7e-47b7-a57b-08cखैर, इस बात को छोड़, अगर 2000 के नोट की बात करें तो सुनने में आया है कि भाजपा के नेताओं ने मोदी की घोषणा से पहले ही इस नोट की खबर दैनिक जागरण समाचार पत्र को दे दी थी। जिसकी पुष्टि नीचे दी गयी फोटो करती है। जानने वाली बात है कि क्यों इतना पागलपन दिखा रही है सरकार। आम आमदी के पैसों की लेन-देन के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड मांगे जा रहे हैं। क्या राजनीति में सक्रिय लोगों के उपर भी ये नियम लागू है। जाहिर सी बात है कि जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 9 नवम्बर 2016 को की थी, वह खबर 27 अक्टूबर को ही अखबार में कैसे प्रकाशित हो गयी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा तुरंत लिया गया फैसला सभी को पता है और उसके बाद समाज में हो रहे भ्रष्टाचार का भी सभी को पता है। जानकारी तो केवल इतनी है कि मोदी जी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद करवा दिये गये थे। साथ ही साथ दो दिन तक एटीएम भी बंद करवाये गये। घोषणा के चार दिन के बाद भी अभी कुछ एटीएम खुले हैं तो कुछ बंद ही पड़े हुये हैं। साथ ही जो एटीएम खुले हुये हैं, वो एटीएम खाली पड़े हुये हैं। कुछ एटीमों में पैसे हैं भी तो 500-1000 के नोट, जो मार्केट में चलेंगे नहीं।

बैंकों में जाओ 500-1000 के नोटों के खुले करवाने तो एक आईडी प्रूफ साथ ले जाओ और बैंक में लगी लंबी कतार में लग जाओ। शायद शाम तक नम्बर आ ही जाएगा। खुले करवाने पोस्ट ऑफिस मैं जाओ तो अभी नहीं है, बाद में आना, यही सुनने को मिलेगा। कई लोग तो अब कहने लगे हैं कि भाई 100 रूपये हैं आपके पास। एक बार दिखा दो, कैसा था 100 का नोट। कई दिन से देखा नहीं है। प्रधानमंत्री जी, ये हो क्या रहा है, कैसी राजनीति है यह।

मोदी जी, आपने तो पैट्रोल भी अपने नाम करवा लिया। कोई भी जाये अपनी गाड़ी में पैट्रोल डलवाने तो 500 या 1000 का डालना पड़ेगा। वाह मोदी जी सलाम है आपको, जो इस तरह आम जन को दुश्वारियों में जीवन जीना पड़ रहा है। पैसे के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सभी जानते हैं कि यह भारत है, यहां तो किस घर चोर बैठे हुये हैं, किसी को भी नहीं पता। कब कौन क्या बोले, क्या कर दे, कुछ पता नहीं।

बहरहाल, कल की ही बात ले लीजिए। एक यूपी की तरफ से एक अफवाह चली और 18 रूपये का नमक का पैकैट कहीं 300, कहीं 400 तो कहीं 500 का बिकने लगा। इसी सिलसिले में देहरादून में भी अफरा-तफरी मची और पल्टन बाजार बंद कर दी गयी। रात को ही दुकानों की चैकिंग हुयी तो आढ़त बाजार में 4 दुकानें सीज कर दी गयी। क्यों हुयी दुकानें सीज, क्योंकि वहां नमक की कालाबाजारी हो रही थी।

ताजा-ताजा आंकड़ों के अनुसार वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि 500 और 1000 के नोटों पर लगे बैन से आने वाले चुनाव के खर्चे कम होंगे। जेटली जी की यह बात सच साबित है तो यह चुनाव भारतीय इतिहास में सबसे साधा और आदर्श चुनाव होगा। काला धन हट गया तो इसका तात्कालिक प्रभाव तो नेताओं पर ही पड़ेगा। चुनावी दौर चलेगा तो एक ही कार में सारी पार्टियों के नेता अपने क्षेत्र का दौरा करेंगे। जनता को संबोधित करने के लिए भी मंच एक ही होगा और बारी-बारी करके नेता अपने भाषण जनता के सामने देंगे। साथ ही साथ इनका लाईव टेलिकास्ट भी मीडिया के द्वारा एक ही साथ होगा।

इसी श्रेणी में अगर आगे बढ़ें तो चुनाव से पहले बाजारों में जो पोस्टर लगेंगे। उसमें भी सारी पार्टियों के नेता एक ही पोस्टर में दिखायी देंगे और पोस्टर के एक कोने पर यह भी लिखा होगा कि ‘‘पोस्टर का रेट बहुत कम है।’’ इन बातों से पता चलता है कि भाजपा, सपा, बसपा और आप का क्या हाल होने वाला है चुनाव के समय में। अन्त में पार्टियों के मैनोफोस्टो की बात करें तो वह भी भाजपा, सपा, बसपा और आप पार्टियां एक साथ ही प्रकाशित करेंगी।

साथ ही साथ पीएम साहब की खामिया तो जनता के सामने हैं। पीएम के एक फैसले से ही सारी जनता में तूफान सा खड़ा हो गया है। वही हाल राजस्थान के जयपुर में देखने को मिला। जहां एक महिला ने अपने कटु वचनों में कहा कि ‘‘मोदी ने तो सारे विदेशी खाते बंद करने चाहिए। ना भारत की जनता को इस तरह परेशान करे। मोदी घर की थाली में खाकर, उसी में छेद कर रहा है।’’

उस त्रस्त महिला ने कहा कि ‘‘मोदी अपने इंडिया वालों को ही बर्बाद कर रहा है। मोदी के पुतले जलाओ साले के।’’ महिला के इस व्याख्यान का सहयोग वहां मौजूद आम जनता ने भी किया। साथ ही महिला ने कहा कि ‘‘अगर जयपुर की जनता में एकता है तो कल जयपुर के बाजार बंद हो जाने चाहिए।’’ महिला ने गुस्से में यह भी कहा कि ‘‘अगर हम पैसे नहीं चढ़ायेंगे तो ऊपर बैठे भगवान भी रोयेंगे। उन्होने कहा कि कल राजस्थान बंद होना चाहिए और सभी लोगों को सड़क पर आ जाना चाहिए।’’ महिला ने बताया कि अगर आपको कहीं जाना है तो टैक्सी वाले को 500 रूपये दो। खाना-पीना कपड़े के लिए भी 500-1000 रूपये दो। जो नोट कोई भी लेने को तैयार नहीं। आखिर कैसे चलेगी जिन्दगी, कैसे चलेगा व्यवसाय।

बहरहाल, कुल मिलाकर अब यही कहा जा सकता है कि मोदी जी का यह कदम जनता के लिए बेहद ही दर्दनीय और दुखद रहा है। जनता को दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

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