कोरोना के ग्राफ में तेज़ी के बावजूद नियमों को सख्त करने के बजाए सरल कर दिए गए हैं

अनलॉक 4.0 की प्रकिया सोमवार से राज्य में लागू हो गई है। इस बार उत्तराखंड में आने और जाने के नियमों में फिर से बदलाव कर दिए गए हैं। सबसे हैरान करने वाला सवाल यह ही कि प्रदेश में कोरोना के ग्राफ में तेज़ी के बावजूद नियमों को सख्त करने के बजाए सरल कर दिए गए हैं।

  • नये दिशा-निर्देश 21 सितंबर से प्रभावी हो गए है। मुख्य सचिव द्वारा जारी नये दिशा-निर्देशों के अनुसार अब राज्य की सीमा पर केवल कोरोना के लक्षणों वाले लोगों की ही एंटीजन टेस्ट से जांच की जाएगी। पहले सभी आने वालों की एंटीजन जांच किये जाने का नियम था।
  • इसके अलावा सात दिन से कम अवधि के लिए उत्तराखंड आने वाले लक्षण विहीन लोग अब बिना जांच के भी उत्तराखंड आ सकते हैं। उन्हें लक्षण मिलने पर अपनी जांच करानी होगी और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी व केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों को मानना होगा।
  • वहीं सात दिन से अधिक समय के लिए आ रहे लोगों को 10 दिन के होम क्वारन्टाइन में रहना होगा। पहले यह अवधि 14 दिन की थी। इसके अलावा अब केंद्र एवं राज्य सरकार के मंत्रियों, सर्वाेच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, महाधिवक्ता, सांसदों, विधायकों और उनके सहयोगी कर्मियों आदि विशिष्टजनों को राज्य में आने पर क्वारन्टाइन करने से छूट रहेगी।
  • 5 दिन से अधिक अवधि के लिए राज्य के बाहर जाने वाले राज्य के अधिकारियों को अपना कोविद टेस्ट कराना होगा। वहीं उत्तराखंड से बाहर जाकर पांच दिन के भीतर लौटने वाले गैर लक्षणविहीन लोगों को भी क्वारन्टाइन होने से छूट मिलेगी। लेकिन इससे अधिक अवधि के लिए बाहर जाने पर 10 दिन के लिए क्वारन्टाइन होना होगा।
  • वहीं 96 घंटे के भीतर आरटीपीसीआर, ट्रूनेट, सीबीनेट व एंटीजन टेस्ट करा कर उत्तराखंड आने वालों को भी क्वारन्टाइन से छूट मिलेगी। वहीं उत्तराखंड आने वाले सभी व्यक्तियों के लिए स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल
  • http://smarteitydehonto.uk.gov.in पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। आने वाले सभी लोगों को अनिवार्य रूप से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।
  • पंजीकरण के दौरान, पंजीकरण पोर्टल में मांगे गए संबंधित दस्तावेज अपलोड करने होंगे। जिला प्रशासन सीमा चौकियों, हवाई अड्डा, रेलवे स्टेशनों, जिले के बस स्टैंड पर सभी आने-जाने वाले व्यक्ति के थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था करेगा।
  • यदि व्यक्ति में कोविड-19 के लक्षण पाये जाते हैं, तो जिला प्रशासन द्वारा एंटीजन टेस्ट किया जायेगा। यदि व्यक्ति का एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव पाया जाता है तो, इससे सम्बन्धित उपयुक्त एसओपी का पालन किया जाएगा। सार्वजनिक जगहों पर सभी व्यक्तियों को सामाजिक दूरी का पालन और मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
  • वहीं उत्तराखंड के भीतर व्यक्तियों की अंतर जनपदीय आवाजाही के लिए उत्तराखंड के भीतर जिले से जिले की यात्रा करने वाले व्यक्ति अपनी यात्रा से पहले स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल
  • http://smarteitydehonto.uk.gov.in पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण करेंगे। वहीं परिवहन के सभी साधनों द्वारा उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को स्मार्ट सिटी वेब पोर्टल
  • http://smarteitydehonto.uk.gov.in पर पंजीकरण करना अनिवार्य है,व कम से कम दो रात होटल/होमस्टे में बुक होनी चाहिए।
  • पर्यटकों को उत्तराखंड सीमा पर आने से पहले 96 घंटे (4 दिन) पहले तक की आरटी-पीसीआर / ट्रूनेट / सीबीएनएएटी / एंटीजन टेस्ट (निगेटिव रिपोर्ट) अपलोड और साथ लानी होगी।
  • यदि कोई कोविड टेस्ट रिपोर्ट के बिना आ रहे हैं, तो उनके पास बॉर्डर चेक पोस्ट, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशनों पर पेड एंटीजन टेस्ट या उत्तराखंड में किसी भी अन्य आईसीएमआर अधिकृत में कोविड का टेस्ट लैब में कराने का विकल्प होगा। उत्तराखंड के सभी आवक लोगों, पर्यटकों और निवासियों को MHA, MoHFW और राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा और सामाजिक दूरियों के नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा।
  • अनुपालन का उल्लंघन करने पर डीएम अधिनियम, 2005, महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 51 और 60 के प्रावधानों के अनुसार और आईपीसी के संबंधित अनुभागों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
  • ये सभी दिशानिर्देश 21 सितंबर, 2020 से लागू हो गये है वहीं गाइड लाइन में 65 वर्ष से अधिक आयु , बीमार व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने की सलाह दी गई है।