सिख समुदाय ने सिविल सेवा परीक्षा के लिए छात्रों का चयन सुनिश्चित

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सिख समुदाय के छात्रों का चयन सुनिश्चित करने के लिए राजधानी दिल्ली में गुरु तेग बहादुर अकादमी स्थापित की है।

डीएसजीएमसी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक बयान के जरिए यह जानकारी देते हुए मंगलवार को बताया कि यह अकादमी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थानों में सिख छात्रों को प्रवेश दिलाएगी और उनकी कोचिंग फीस का 85 फीसदी अंशदान दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी वहन करेगी।

सिख युवक व युवतियों की प्रशासन में भागदारी बढ़ाने के मकसद से यह पहल की गई है। इस संस्थान में सिख छात्र व छात्राओं को सिविल सेवा की तैयारी कराई जाएगी। विश्व पंजाबी संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह साहनी की अध्यक्षता में इस संस्थान की स्थापना की गई है।

सेवानिवृत्त पांच सिख अधिकारियों की एक समिति गठित

  • उन्होंने बताया कि गरीब परिवार के मेधावी सिख छात्र व छात्राओं की शत प्रतिशत कोचिंग फीस भी डीएसजीएमसी वहन करेगी ताकि पैसों के अभाव में वे अपना पसंदीदा करियर चुनने से वंचित ना रह जाएं।
  • सिरसा ने बताया, ”सिविल सेवा की प्रारम्भिक परीक्षा पास कर चुके सिख धर्म के सभी छात्र व छात्राएं इस योजना के लाभ के स्वतः ही पात्र हो जाएंगे। देश के किसी भी हिस्से में बसने वाले सिख धर्म के छात्र व छात्राएं इस योजना में स्वंय को पंजीकृत करवा सकते हैं।”
  • उन्होंने बताया कि पंजीकृत छात्रों को दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी दिल्ली में मुफ्त में रहने तथा भोजन, परिवहन आदि की भी व्यवस्था करेगी ताकि राजधानी के बाहर से आने वाले छात्रों को किसी दिक्कत का सामना न करना पड़े।
  • उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पांच सिख अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है जो वैसे सिख छात्र व छात्राओं का चयन करेगी जो सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सके हों लेकिन उनमें योग्यता व क्षमता की कोई कमी ना हो।
  • सिरसा ने कहा कि ऐसे चयनित सिख बच्चों के पहले बैच की कोचिंग दिसम्बर में शुरु हो जाएगी।
  • उन्होंने बताया कि यह योजना भावी सिख धर्म की पीढ़ी को प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए शुरु की गई है ताकि सिख समुदाय देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके।