गांव के सामुदायिक भवन में पढ़ेंगे बच्चे

डोभी(गया): बच्चों में आधुनिक शिक्षा के प्रति रूचि बढ़ रही है। इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं। परंतु, ग्रामीण परिवेश में रहने वाले व आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ रही है। ऐसे बच्चे कुंठाग्रस्त हैं। ऐसी बात नहीं कि ऐसे बच्चों में तार्किक शक्ति नहीं होती। लेकिन, संसाधन, व्यवस्था तथा जानकारी के अभाव में ऐसे बच्चों का शैक्षिक विकास अवरुद्ध पड़ जाता है। केवल जरूरत है ऐसे बच्चों को समाज के हर तबके के लोगों के सहयोग की।

इस कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए ग्रामीण सत्येंद्र कुमार और सौरभ कुमार ने कहा कि गांव के सामुदायिक भवन मे सुयोग्य शिक्षकों द्वारा आधुनिक के साथ साथ अंग्रेजी एवं कंप्यूटर की , पारंपरिक को तकनीक से जोड़ना तथा प्रतियोगी परीक्षा के लिए विद्यार्थी तैयारी कर सकेंगे।

इस निश्शुल्क कोचिंग में गांव के कक्षा एक से दशवीं तक के छात्रों को निश्शुल्क दी जाएगी। संस्था से जुड़े कुछ लोग गांव के ही हैं। इनके अलावा गया शहर सहित अन्य क्षेत्र के लोग इस संस्था से जुड़े हैं। जो गांव के लोगों के बराबर संपर्क में रहेंगे। बच्चों की पढ़ाई में जिस संसाधन की जरूरत होगी। उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

शिक्षकों को संस्था देगी वेतन:

संस्था के सीईओ इंद्रजीत ने बताया कि फिलहाल एक सौ बच्चों को पढ़ाने का लक्ष्य है। पांच शिक्षक इस संस्थान में बच्चों को पढ़ाएंगे। साथ ही तकनीकी से जुड़े पहलुओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को वेतन संस्था देगी।

गुजरात की है संस्था

इन्हीं सब बातों को लेकर डोभी प्रखंड के साहपुर गांव को गुजरात की एक संस्था आई क्वांटा ने डोभी प्रखंड के साहपुर गांव को गोद लिया है। इस संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंद्रजीत संस्था के कुछ लोगों के साथ पहुंचे। यहां के बच्चों के अभिभावकों से मिले। संस्था के बारे में बताया। बच्चों के माता पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को यहां शुरू की जा रही कोचिंग के रूप में निश्शुल्क शिक्षण संस्था में पढ़ने के लिए नियमित रूप से भेजें। संस्था के लोगों की बातों को सुनकर गांव के लोग इस बात के लिए राजी हो गए

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