चीड़ के जंगलों में अब नेपियर घास पशुपालकों के जीवन में खुशहाली

  • चीड़ के जंगलों में अब नेपियर घास पशुपालकों के जीवन में खुशहाली ला सकेगी।
  • जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने पशुपालन विभाग को चीड़ के जंगलों में नेपियर घास लगाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
  • नेपियर घास मवेशियों के लिए बेहतर घास मानी जाती है।

जिलाधिकारी इवा आशीष श्रीवास्तव ने जिला सभागार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) और स्वरोजगार कार्यों की समीक्षा बैठक ली।

  • जिलाधिकारी ने कहा कि कोरोना काल में अपने गांव लौटे प्रवासियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
  • मनरेगा , कृषि, उद्यान और पशुपालन में जो भी योजनाएं चल रही हैं उनमें तेजी लाई जाए।
  • मवेशियों को बेहतर घास उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन विभाग चीड़ के जंगलों में नेपियर घास उगाए।
  • इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। नेपियर घास से मवेशी ज्यादा दूध उत्पादन करते हैं।
  • मत्स्य विभाग की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी नाराज दिखी और कहा कि अगर समय पर विभाग ने योजनाओं को पूरा नहीं किया तो उनका बजट अन्य योजनाओं में दे दिया जाएगा।
  • बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रुहेला, डीडीओ आनंद भाकुनी आदि मौजूद रहे।