कोविड-19 के चलते अधिकांश जगहों पर ऑनलाइन कार्यक्रम

हर वर्ष दुनिया के तमाम देशों में 3 दिसंबर को दिव्यांगों के उत्थान, उनके स्वास्थ्य व सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन इस बार कोविड-19 के चलते अधिकांश जगहों पर ऑनलाइन कार्यक्रम होंगे। 

3 दिसंबर का दिन अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस

हर साल विश्व में 3 दिसंबर का दिन अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन का मकसद है – दिव्यागों के प्रति लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना। हर साल इस दिन दिव्यांगों के विकास, उनके कल्याण के लिए योजनाओं, समाज में उन्हें बराबरी के अवसर मुहैया करने पर गहन विचार विमर्श किया जाता है। 

विश्व दिव्यांग दिवस ( विश्व विकलांग दिवस 2020 ) की थीम –

संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट www.un.org के मुताबिक इस साल दिव्यांग दिवस की थीम है – ”बेहतर पुनर्निमाण: कोविड-19 के बाद की दुनिया में विकलांग व्यक्तियों के लिए समावेशी, सुलभ और अनुकूल माहौल हो।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस थीम का समर्थन किया है और कोविड-19 महामारी के दौरान दिव्यांग व्यक्तियों की जरूरत पर बल दिया है।

विश्व दिव्यांग दिवस की शुरुआत

संयुक्त राष्ट्र आम सभा ने 1981 को ”विकलांग व्यक्तियों का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष” घोषित किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1983 से 1992 को दिव्यांगों के लिए संयुक्त राष्ट्र के दशक की घोषणा की थी ताकि वो सरकार और संगठनों को विश्व कार्यक्रम में अनुशंसित गतिविधियों को लागू करने के लिए एक लक्ष्य प्रदान कर सकें।

इसके बाद 1992 से 3 दिसंबर, विश्व दिव्यांग दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।