एक मिसाल पेश हुयी ग्राम दोली में

  • प्यार और दुलार के साथ धूमधाम से मनाया 85 वर्षी मां का जन्मदिन
  • जन्मदिन पर पूरे परिवार ने दिया प्रेम का नजराना
  • अल्मोड़ा और नैनीताल से आये परिजन, लुटाया बेहिसाब प्यार

C.S.-Bhatt-(1)पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में मूनाकोट ब्लाॅक के अन्तर्गत आने वाले ग्राम दोली में एक ऐसी वर्षगांठ मनायी गयी, जिसे हम एक मिसाल कह सकते हैं। परिवार में प्रेम होना कोई बड़ी बात नहीं है। परन्तु इतना प्यार जब कहीं देखने को मिलता है तो उसे एक मिसाल कहकर संबोधित करना भी छोटा लगता है। ग्राम दोली में 85वें वर्ष में प्रवेश कर रही श्रीमती कुरी देवी पत्नी स्व. ईश्वरी दत्त भट्ट की 84वीं वर्षगांठ को उनके परिजनों ने धूम-धाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर समस्त ग्रामीणों ने भाग लिया। इस दौरान सत्यनारायण की कथा एवं भजन-कीर्तन की संध्या का आयोजन भी किया गया।

IMG-20160502-WA0007 IMG-20160502-WA0008देर सांय आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारम्भ श्रीमती कुरी देवी ने विशाल केक को काट कर किया। इस मौके पर उनके एकमात्र पुत्र तुलसी दत्त भट्ट, पुत्रवधू, दोनों पौत्र (आशुतोष भट्ट एवं हेम भट्ट), पौत्रवधुयें, पुत्री रूकमणी, दामाद तथा उनके सभी बच्चे मौजूद थे। पिथौरागढ़ जिले से करीब 25 किलोमीटर दूर बसे दोली गांव में आयोजित इस समारोह में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़ के भाग लिया। देर रात्रि तक भजन-कीर्तन आयोजित हुए।

IMG-20160502-WA0009 IMG-20160502-WA0011आयोजक कुरी देवी के 65 वर्षीय पुत्र तुलसी दत्त ने बताया कि यह सब उन्होंने अपनी मां की खुशी के लिए किया। मां की इच्छा थी कि इस मौके पर पूरा परिवार एकत्र हो। समारोह में नैनीताल, अल्मोड़ा आदि जगहों से भी परिजन आये हुए थे। इधर ग्रामीणों ने भी खुशी-खुशी बताया कि गांव में भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। कार्यक्रम में इस लेख के लेखक एवं देवभूमि समाचार के एडीटर-इन-चीफ चन्द्र शेखर भट्ट भी पहुंचे और कार्यक्रम की तारीफ करते हुए खुशी जताई।

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Raj-Shekhar-Bhatt-485 वर्षीय महिला का जन्मदिन इस तरह से मनाना, मेरी नजर एक मिसाल है। जो उनके परिवार के प्रेम को प्रदर्शित करता है। मां की ममता और प्यार को बताते हुए मैं अपनी पुस्तक ‘‘अनेक रंग’’ में प्रकाशित हुई एक कविता की एक पंक्ति आपसे साझा करना चाहूंगा।

‘‘धूप कड़ी हो तो छांव बनी मां, मेरे लिए पूरा गांव बनी।’’

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