National security law 2020: लखनऊ राज्य में अब तक 139 लोगों पर एनएसए लगाया जा चुका है.

लखनऊः उत्तर प्रदेश के बहराइच में गोहत्या के आरोप में छह सितंबर को एक व्यक्ति पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की गई, जिसके साथ ही इस साल राज्य में अब तक 139 लोगों पर एनएसए लगाया जा चुका है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 139 मामलों में से आधे से ज्यादा मामले गोहत्या से संबंधित हैं.

अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश कुमार अवस्थी के बयान के मुताबिक, इस साल 19 अगस्त तक यूपी पुलिस ने राज्य में 139 लोगों के खिलाफ एनएसए लगाया है, जिनमें से 76 मामले गोहत्या से जुड़े हैं. 31 अगस्त तक अकेले बरेली पुलिस जोन में ही 44 लोगों पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया.

इसके विपरीत पुलिस ने 2020 में महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में अब तक छह लोगों के खिलाफ एनएसए लगाया है. 37 लोगों पर जघन्य अपराधों के लिए 20 पर अन्य अपराधों के लिए एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इस कानून के तहत इस साल की शुरुआत में की गईं 13 गिरफ्तारियां नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों से जुड़ी हुई हैं.

एनएसए के तहत अगर प्रशासन को लगता है कि कोई भी शख्स राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून एवं व्यवस्था के समक्ष खतरा है तो उसे 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है.

अवस्थी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि उन आपराधिक मामलों में एनएसए लगाया जाए, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है ताकि अपराधियों के मन में भय और आमजन के बीच सुरक्षा का भाव पैदा किया जा सके.’

एनएसए के अलावा इस साल 26 अगस्त तक उत्तर प्रदेश गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत 1,716 मामले दर्ज किए गए हैं और 4,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने में असफल रहने पर 32 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई.

इसके अलावा पुलिस ने 2,384 लोगों के खिलाफ यूपी गैंगस्टर्स एक्ट और 1,742 लोगों के खिलाफ समान आरोपों में गुंडा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया.

बता दें कि राज्य में छह सितंबर को हुई गिरफ्तारी गोरखपुर पुलिस जोन में गोहत्या के लिए एनएसए के तहत हुई दूसरी गिरफ्तारी है.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने कहा, ‘इजरायल नाम के आरोपी के पास से भारी मात्रा में गोमांस बरामद होने के बाद उसे जुलाई में गिरफ्तार किया गया था. गोहत्या की घटनाओं के बाद इलाके में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है.’