हाय रे GST Bill, तू कब पास होगा

आर.बी.एल.निगम

RBL Nigamयह हंसी का विषय है घूस देने वालों को इटली की अदालत ने सजा दे दी लेकिन घूस लेने वाले भारत में खुलेआम घूम रहे हैं और आरोप को झूठा बता रहे हैं। केंद्र सरकार जब चाहे सीबीआई के जरिये सोनिया गाँधी उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और अन्य आरोपियों को अगस्टा वेस्टलैंड घूसकांड में गिरफ्तार कर सकती है, लेकिन केंद्र सरकार वैसा करेगी नहीं। इसका कारण है GST Bill। मोदी सरकार के लिए सोनिया गाँधी को जेल पहुँचाने से ज्यादा जरूरी राज्य सभा से GST बिल पास कराना है जो बिना कांग्रेस के सहयोग के पास ही नहीं हो सकता।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी सुर्ख़ियों में है कि अगस्टा वेस्टलैंड घूसकांड में गिरफ्तारी के डर से सोनिया गांधी कभी भी बीमारी की आड़ में भारत से भाग सकती हैं। इतना ही नहीं सोनिया से ज्यादा  गिरफ़्तारी का सबसे ज्यादा डर लालू ,मायावती, आदि को सता रहा है। 

GST BILL पास कराना क्यों जरूरी?

मोदी सरकार GST बिल के जरिये ही देश की दशा और दिशा तय कर सकती है और विदेशी निवेश भी इसी बिल के आधार पर आना है। सोनिया गाँधी जेल चली गयीं तो कांग्रेस कभी भी GST बिल पास नहीं होने देगी और मोदी सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाकर संसद ठप्प करती रहेगी, वे अब तक यही करते आये हैं, इसलिए बीजेपी अगस्टा वेस्टलैंड घोटाले में टीवी के सामने बड़ी बड़ी बातें तो कर रही है लेकिन मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। इसका कारण यह है कि अगर जल्द ही GST बिल पास ना हुआ तो मोदी सरकार के लिए देश का विकास करना और मंहगाई कम करना मुश्किल हो जाएगा।

मोदी सरकार जानती है की इस देश के लोग भ्रष्टाचार को मुख्य मुद्दा नहीं मानते, बल्कि विकास को मुख्य मुद्दा मानते हैं, अगर इस वक्त सोनिया गाँधी और कांग्रेस के दूसरे नेता जेल चले गए तो भारत के लोग केवल कुछ समय के लिए खुश होंगे और पांच साल बाद केवल विकास के लिए वोट देंगे, अगर मोदी से देश का विकास नहीं किया तो उन्हें भले ही कांग्रेस को वोट देना पड़े, वे भ्रष्टाचार नहीं देखेंगे, इसका उदाहरण हमने बिहार में देख लिया जहाँ सबसे बड़े भ्रष्टाचार के आरोपी लालू यादव की पार्टी RJD ने सबसे अधिक सीटें जीतीं।

क्या सोनिया गाँधी को केवल डरा रही है BJP

बीजेपी के रूख से साफ़ पता चल रहा है की वह अगस्टा वेस्टलैंड घोटाले में कांग्रेस और सोनिया गाँधी को केवल डरा रही है और अन्दर ही अन्दर कोई डील करने की कोशिश कर रही है, हो सकता है कि कांग्रेस से GST बिल पास कराने की डील हो रही हो, बीजेपी के रूख से साफ़ पता चल रहा है कि अगर कांग्रेस GST बिल पास करवा दे तो बीजेपी इस मुद्दे पर शांत हो जाएगी।

इसका उदाहरण देखने को मिला, एक तरफ ED कह रहा है की उसके पास घूसखोरों के नाम हैं वहीँ दूसरी तरफ अमित शाह सोनिया गाँधी के पूछ रहे हैं कि वे घूसखोरों के नाम बताएं, अमित शाह की बातों से लग रहा है कि बीजेपी सिर्फ सोनिया गाँधी के खिलाफ माहौल बना रही है ताकि वे डर जाएं और GST बिल पास कराने के लिए हाँ बोल दें। अन्यथा जब ED के पास घूसखोरों के नाम हैं तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार करना चाहिए था।

इसका एक और सबूत देखने को मिला, बीजेपी के नवनिर्वाचित राज्य सभा सांसद सुब्रमनियम स्वामी बिकाऊ पत्रकारों का खुलासा करने वाले थे लेकिन वे भी एकाएक शांत हो गए और बोले कि ‘समय आएगा तब खुलासा करेंगे’, शायद उन्हें भी इस मामले में नरम रूख अपनाने को कह दिया गया होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनावों से पहले कहा था कि केवल एक साल के अंदर सभी चोर जेल के अन्दर दिखेंगे लेकिन जैसे ही उनके सामने GST बिल का मामला आया और कांग्रेस ने इसे पास कराने में अडचने पैसा कर दीं, उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया और सोनिया गाँधी और अपने घर पर बुलाकर GST पास कराने के लिए हाथ भी जोड़े लेकिन कांग्रेस को मोदी के हाथ जोड़ने से कोई फर्क नहीं पड़ा और वह GST बिल पास ना करने देने के लिए अड़ी है, कांग्रेस को भी पता है कि अगर उन्होंने GST बिल पास करवा दिया तो मोदी सरकार धडाधड काम करना शुरू कर देगी। इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोपी कांग्रेसी जेल तो जाएंगे ही, उनका पांच साल बाद वापसी करना भी मुस्किल हो जाता है, इसलिए कांग्रेस के तरफ तो संसद रोकती है, GST बिल पास होने में अड़ंगे लगाती है और दूसरी तरफ मोदी सरकार पर फेल होने का आरोप भी लगाती है।

मौजूदा हालात देखकर यह कह सकते हैं कि ‘हाय रे GST Bill, तू कब पास होगा और बड़े बड़े घोटालेबाज कब जेल के अन्दर नजर आयेंगे, आखिर तू कब तक मोदी के हाथ बांधे रखेगा? आखिर कब गुलजार होगी तिहाड़??