राजीव गांधी के बाद अब सोनिया गांधी लपेटे में

मोदी सरकार ने चारों तरफ से घेरा कांग्रेस को

आर.बी.एल.निगम

RBL Nigamयूपीए सरकार के समय में हुए ऑगस्टावेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में BJP ने सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को निशाना बनाने की योजना बनाई है ताकि मुख्य विपक्षी दल को घेरा जा सके, जो उत्तराखंड मामले को लेकर राज्यसभा में कार्यवाही बाधित कर रही है।

रक्षा उत्पाद बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड की मातृ कंपनी- फिनमेकैनिका के अधिकारियों द्वारा भारत में नेताओं और अधिकारियों को घूस देने के आरोपों की जांच कर रही इतालवी कोर्ट में ऐसे दस्तावेज सामने आए हैं, जिसमें ‘सिगनोरा गांधी’ का नाम है।

Sonia_Gandhiइटली की अदालत के फैसले के बारे में मीडिया में खबर आने के बाद रणनीति बनाने के लिए BJP अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अप्रैल 26  को यहां बैठक हुई। इटली की अदालत ने ऑगस्टावेस्टलैंड के प्रमुख गुइसेपे ओरसी को दोषी ठहराया और कहा कि कंपनी ने 3600 करोड़ रुपये का सौदा हासिल करने के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को रिश्वत दी।

यह मुद्दा BJP संसदीय दल की बैठक में भी उठा जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। कांग्रेस को विवादास्पद एयरसेल मैक्सिस सौदे को लेकर तथा इशरत जहां मुठभेड़ मामले के हलफनामा को लेकर भी निशाना बनाया जाएगा।   मीडिया की खबरों के मुताबिक इटली की अदालत ने फैसले में बताया कि किस तरह कंपनी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके निकट सहयोगियों के साथ लॉबिइंग की। इसके अलावा कंपनी ने तत्कालीन NSA एम. के. नारायण और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ भी लॉबिइंग की। जज ने सौदे के पीछे सोनिया को ‘मुख्य ताकत’ बताया।

स्वामी ने कसी कमर

SMSराज्यसभा में नव नामित सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले सुब्रमण्यन स्वामी राज्यसभा में हेलिकॉप्टर समझौते को उठाएंगे जिसके लिए उन्होंने नोटिस दे दिया। स्वामी को गांधी परिवार के धुर विरोधी के तौर पर जाना जाता है। लोकसभा में  यह मामला मीनाक्षी लेखी उठा सकती हैं। BJP के एक शीर्ष नेता ने कहा कि पहली बार किसी रिश्वत देने वाले को दोषी ठहराया गया है लेकिन लोगों को अब भी नहीं पता कि रिश्वत किसने ली?    लोकसभा में अनुराग ठाकुर एयरसेल मैक्सिस सौदे को उठा सकते हैं जबकि ऊपरी सदन में भूपेन्द्र यादव इस मुद्दे को उठाएंगे। इसी तरह इशरत जहां मामले को लोकसभा में कीरीट सोमैया उठाएंगे। यह पूछने पर कि क्या हेलिकॉप्टर घोटाला मामले में सोनिया गांधी का नाम लेकर मुद्दे को उठाया जाएगा तो एक शीर्ष नेता ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया जबकि पार्टी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि उन्हें निशाना बनाया जाएगा।

यह भी प्रबल सम्भावनाएं है कि नटवर सिंह की सहायता से राहुल गांधी को भी घेरने की सरकार तैयारी में है। वैसे तो सुब्रमण्यन स्वामी ही अकेले इस परिवार पर भारी हैं। यदाकदा सोनिया की बहनों पर भी प्रहार करते रहे हैं। लगता है कांग्रेस के लिए आगे कुआँ पीछे खाई वाली स्थिति आने वाली है। जिस कारण कांग्रेस की रातों की नींद तो दूर रोटी भी खानी मुश्किल दिख रही है।

रविशंकर मैदान में

RSPहेलिकॉप्टर सौदे को लेकर कांग्रेस पर हमला करने के लिए BJP ने दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को मैदान में उतारा है। उन्होंने मनमोहन सिंह की सरकार में रक्षा मंत्री रहे ए. के. एंटनी से कहा कि घोटाले में कथित तौर पर संलिप्त पार्टी नेताओं का नाम उजागर करें। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘रिश्वत देने वाले दोषी करार दिए गए हैं। रिश्वत लेने वाले चुप क्यों हैं? एंटनी को जवाब देना चाहिए कि क्या कांग्रेस इसमें शामिल है या नहीं। क्या वे आपकी पार्टी से हैं या नहीं? कृपया स्पष्ट कीजिए।’   कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज   कांग्रेस ने पलटवार करते हुए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के खिलाफ किसी भी आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि ‘हम इसे खारिज करते हैंं।’ राज्यसभा में पार्टी के उपनेता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ‘किसी को भी घटिया टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और बुद्धिमता पर कभी सवाल नहीं उठे।’

एंटनी ने मोदी सरकार से कहा कि हेलिकॉप्टर सौदे की जांच में तेजी लाएं और सच्चाई का पता लगाएं क्योंकि यूपीए सरकार ने अनुबंध को रद्द कर दिया था और मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘जब पहला आरोप मीडिया में आया तो हमने तुरंत सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। हमने अनुबंध को रद्द कर दिया और मिलान की अदालत में मामले को लड़ा। हम केस जीत गए और हमने जो अग्रिम राशि दी थी वह बैंक गारंटी के तौर पर वापस मिल गई।’

रक्षा मंत्रालय ने अप्रैल 28  को कहा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में पहला मुद्दा भ्रष्टाचार का है और मंत्रालय सच्चाई को सामने लाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा। इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय की पहली आधिकारिक टिप्पणी में यह भी कहा गया है कि जांच एजेंसियां इसके हर पहलुओं की जांच कर रही हैं। इनमें विदेशी नागरिकों कार्लो गेरोसा, गुईडो हास्के राल्फ और क्रिश्चियन माइकल जेम्स की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण भी शामिल है। ये तीनों इस सौदे के कथित बिचौलिया हैं।

कांग्रेस ने एक ही दिन पहले सरकार पर काली सूची में डाली गई कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड की मदद की कोशिश करने का आरोप लगाया था और सवाल किया था कि सरकार ने उस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की?

उसके दूसरे ही आए इस बयान में मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कुछ घिसी-पिटी शब्दावली पर सवाल उठाए गए हैं, जिससे लगता है कि उनका मकसद भ्रष्टाचार के मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाना है।

यह भी कहा गया है कि मौजूदा सरकार ने सच्चाई का पता लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की है। भ्रष्ट व इस मामले में गलत करने वालों को न्याय के दायरे में लाने के लिए कोई कदम उठा नहीं रखेगी। इसमें समय अधिक लग रहा है, क्योंकि इस गलत काम में शामिल कुछ प्रमुख व्यक्ति देश से बाहर हैं।

इटली की एक अदालत ने पाया है कि अगस्ता वेस्टलैंड ने अति विशिष्ट लोगों के इस्तेमाल के लिए 12 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति से जुड़े 53 करोड़ डॉलर का सौदा पक्का करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी।

अगस्ता वेस्टलैंड की पैतृक कंपनी फिनमेकैनिका के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गिउसेप्पी ओर्सी को इतालवी प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जब विवाद सामने आया तो वर्ष 2013 में ही भारत सरकार ने यह सौदा रद्द कर दिया था।

बोफोर्स ने राजीव गांधी को ऐसा डुबाया कि वे जीते जी उससे उभर नहीं सके। अब अगस्ता वेस्टलैंड के हेलिकाप्टरों ने सोनिया गांधी का पीछा करना शुरु कर दिया है। कैसा दुःसंयोग है कि दोनों मामले इटली से जुड़े हैं। आक्तोविया क्वात्रोची भी इटली का था और अब 3600 करोड़ रु. के इस सौदे पर जो प्राणलेवा फैसला आया है, वह भी इटली की अदालत का है।

इटली से उठने वाले आरोप राजीव-सोनिया परिवार पर जरा जोर से चिपकते हैं। उन पर लोग आसानी से विश्वास करने लगते हैं। आज तक यह सिद्ध नहीं हुआ है कि बोफोर्स तोपों के सौदे में राजीव गांधी ने 62 करोड़ की रिश्वत खाई थी लेकिन जनता ने उन्हें उल्टा लटका दिया। इसी तरह मिलान की ऊंची अदालत ने यह तो कहा है कि एयर मार्शल एस.पी. त्यागी और उसके परिवारवालों ने रिश्वत खाई है लेकिन सोनिया गांधी ने रिश्वत खाई है, यह कहीं नहीं कहा। लेकिन सारे सौदे के पीछे सोनिया ही असली ताकत है और उस दस्तावेज में प्रणब मुखर्जी और अहमद पटेल के नाम भी आए हैं।

इन कांग्रेसी नेताओं के नाम इतालवी अदालत में उछले हैं तो यह मामला अब तूल पकड़े बिना नहीं रहेगा। जब यह मामला पहली बार उछला था तो मनमोहनसिंह सरकार ने डर के मारे इस सौदे को रद्द कर दिया था लेकिन यह काफी नहीं है। यदि यह नहीं उछलता तो बोफोर्स की तरह यह भी आया-गया हो जाता। यह कितनी दुखद बात है कि तत्कालीन रक्षामंत्री ए.के. एंटनी द्वारा रिश्वत की बात स्वीकार की जाने के बावजूद हमारी जांच एजेंसियां और अदालतें अभी तक सोई पड़ी हैं।

रिश्वत देने वालों को इटली सरकार ने सजा दे दी है और रिश्वत खाने वाले भारत में खुले घूम रहे हैं। यह भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा है। मोदी सरकार इस वादे पर बनी थी कि ‘न खाऊंगा और न खाने दूंगा’ लेकिन वह कर क्या रही है? संसद में सिर्फ हंगामा करने और नौटंकी रचाने से काम नहीं चलेगा। सोनिया को बदनाम करके भी आप क्या पा जाएंगे? कांग्रेस तो पहले ही अधमरी हो चुकी है। आप यदि भारत मां की पीठ में 250 करोड़ की रिश्वत का छुरा मारने वाले अपराधियों को पकड़ सकें, उनसे सारे पैसे उगलवा सकें और उन्हें कठोर सजा दिलवा सकें तो आप अपनी इज्जत बचा सकेंगे और शायद बढ़ा भी सकेंगे।