बुरे फंसे केजरीवाल, ओड-ईवन बन गया भारी मुसीबत

आर.बी.एल.निगम

RBL Nigamबिना तैयारी के दिल्ली वालों पर ओड ईवन थोपना केजरीवाल पर भारी पड़ा है, ओड ईवन लागू करने से दिल्ली की आधी कारें सड़कों से गायब हो गयीं है, ओड ईवन फ़ॉर्मूले के कारण टैक्सी कंपनियों की कारें भी आधी हो गयी हैं जिसके कारण उन्हें यात्रियों को इमरजेंसी सेवा देना मुश्किल हो रहा है, ऐसी हालत में टैक्सी कम्पनियां  ग्राहकों से अधिक किराया वसूल रही हैं। टैक्सी कंपनियों का कहना है कि हमारे ऊपर भी ओड ईवन लागू हो रहा है, हम लोग ओड के दिन ओड कारें चलाते हैं और ईवन के दिन ईवन नंबर की कारें, ऐसे में अगर कोई ग्राहक इमरजेंसी सर्विस चाहता है तो इसके लिए उससे अधिक चार्ज किया जाता है।

जब केजरीवाल को अधिक किराया वसूलने की खबर मिली तो उन्होंने टैक्सी कंपनियों को लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दे दी। इसके बाद एप आधारित सबसे बड़े टैक्सी सर्विस कंपनी उबर ने कहा कि हम तक्सियाँ चलाएंगे ही नहीं। उबर की तरफ से अप्रैल 19  को एक मैसेज दिया गया, जिसमें लिखा गया, “प्रिय सवारियों, अगर आपको कोई कार उपलब्ध न हो या देर तक इंतजार करना पड़े, तो समझ लीजिएगा कि यह बढ़े किराए पर निलंबित किए जाने की वजह से है। किराया बढ़ोतरी सुनिश्चित करती है कि कार हर समय उपलब्ध हो।”

इस मैसेज से उबर ने केजरीवाल पर निशाना साधा था जिसे केजरीवाल तुरंत समझ गए। ऑनलाइन एप आधारित कैब सेवा उबर ने यात्रियों के लिए टैक्सी की कमी के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।

इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार एप आधारित टैक्सी सेवा के खिलाफ नहीं हैं। केजरीवाल ने ट्वीट की झड़ी लगाते हुए कहा, “हम एप आधारित टैक्सी सेवा के खिलाफ नहीं हैं। हम उनका पूरा समर्थन करते हैं। वे लोगों को अहम सेवा उपलब्ध कराते हैं, लेकिन उन्हें कानून का पालन करना होगा।”

क्या चेतावनी दी थी केजरीवाल ने

Arvind-Kejriwal केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा था “जरूरत से ज्यादा किराया लेना, डीजल कार, बिना लाइसेंस/बिल्ले वाले ड्राइवर और टैक्सी सेवा प्रदाताओं की ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी।” आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक केजरीवाल ने सोमवार को टैक्सी ऑपरेटरों को किराया बढ़ाने की शिकायतें मिलने के बाद सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी। ऑनलाइन एप आधारित टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी जैसे उबर व ओला ने इस चेतावनी के बाद किराये में बढ़ोतरी करना बंद कर दिया है।

राजधानी में ऑड-ईवन यातायात फॉर्मूला लागू होने के चलते टैक्सियों की मांग बढ़ गई है। ऑड-ईवन फॉर्मूला 30 अप्रैल तक अमल में रहेगा। केजरीवाल ने टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा किराया बढ़ाने को ‘दिनदहाड़े लूट’ करार दिया और कंपनियों पर राज्य की सरकार को खुलेआम ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया।

उन्होंने लिखा, “बढ़ा किराया दिनदहाड़े लूट है। कोई भी जिम्मेदार सरकार इसकी इजाजत नहीं देगी।”  दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा था कि अप्रैल 18 को जरूरत से ज्यादा किराया वसूलने की वजह से ओला व उबर की 18 टैक्सियां जब्त कर ली गईं।

सम-विषम योजना एक तिकड़म

keji-nd-bhushanसामाजिक कार्यकर्ता और वकील प्रशांत भूषण ने प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार की यातायात संबंधी सम-विषम योजना को एक तिकड़म करार दिया। आम आदमी पार्टी (आप) पूर्व सदस्य और कभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबियों में से एक कहे जाने वाले प्रशांत ने कहा कि प्रदूषण से बचने के लिए नागरिक कई बेहतर सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केजरीवाल की नौटंकी का हिस्सा है, ऐसी रूल शुरू करने से पहले सभी तरह की तैयारियां करनी पड़ती हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को आसान बनाना होता है लेकिन केजरीवाल बिना तैयारी के यह रुल लगा देते हैं।

प्रशांत ने अपने ट्विटर पर साझा किया, “प्रदूषण से निपटने के लिए नागरिक सम-विषम योजना जैसे तिकड़म से बेहतर सुझाव दे सकते हैं।”

दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार के ऑड-ईवन यातायात फॉर्मूला का दूसरा चरण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार से शुरू हो गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बारे में ट्विटर पर लिखा, “ऑड-ईवन आज से शुरू होता है। चलिए सब हाथ मिलाएं और इसे सफल बनाने का संकल्प लें।”

ऑड-ईवन फॉर्मूला का मकसद प्रदूषण पर लगाम लगाना है। इस फॉर्मूले के तहत, शुक्रवार(अप्रैल 15) को केवल विषम नबंर जैसे 1,3,5 आदि नबंरों वाली कारों को सड़कों पर चलने की इजाजत होगी। इस नियम का पालन न करने वालों पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

ऑड-ईवन फॉर्मूला 30 अप्रैल तक सुबह आठ से रात आठ बजे तक लागू रहेगा, जिसमें रविवार का दिन शामिल नहीं होगा। दूसरे चरण के लिए भी कमोबेश पहले चरण जैसे ही नियम लागू किए गए हैं। इस चरण में केवल एक नया नियम है और वह यह कि उन फॉर व्हीलर पर यह फॉर्मूला लागू नहीं होगा, जिनमें वर्दीधारी विद्यार्थी सवार हैं और जिन्हें महिलाएं चला रही हैं।
यह फॉर्मूला सीएनजी से चलने वाले सभी वाहनों, दुपहिया वाहनों, महिला दुपहिया वाहन चालकों और वीआईपी की कई श्रेणियों पर भी लागू नहीं होता है।