वास्तव में मोदी हैं ही फेंकू

भारत को आतंक मुक्त राष्ट्र बनाने के लिए मोदी सरकार का एक और हाईटेक कदम !

आर.बी.एल.निगम

RBL Nigamआजकल भाजपा-विरोधी, विशेषकर मोदी विरोधियों द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि “मोदी फेंकू है”; गलत नहीं कहते। वास्तव में मोदी है ही फेंकू। न जाने कब पाकिस्तान पर बम फेंक दे ;न जाने कब किस आतंकवादी को कबर में फेंक दे ;न जाने कब श्रम-विरोधी को अर्श से फर्श पर फेंक दे; न जाने कब किसके आँसू पोंछ दे;आदि आदि। लेकिन इन सबसे जनता का ध्यान हटाने के लिए विरोधियों का विधवा-विलाप चल रहा है और इस विधवा विलाप में  फेसबुक पर आम आदमी पार्टी के Mittal Rajeev Aap जैसे लोग गालिओं (साला ) का प्रयोग कर  प्रधानमंत्री पद  की गरिमा को कलंकित कर सिद्द कर रहे हैं कि इन छद्दम धर्म-निरपेक्षों में कितनी अधिक बौखलाहट है।

modi025316यह सच है कि 2014 चुनावों में नरेंद्र मोदी ने बहुत लुभावने सपने दिखाए थे, जिनमे से अधिकतर जनता समझ नहीं पा रही, जिसका लाभ ये छद्दम देशभक्त लेने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन यह जनता को देखना है कि छह दशक से अधिक समय से जो गंद मचा हुआ था उसके साफ़ होने में समय लगेगा। यदि मोदी ने एकदम सख्त कार्यवाही की, उसका वही अंजाम होगा जो जेएनयू में कार्यवाही करने पर हुआ। किसी को देशद्रोही नारे लगाने वाले 28 /29 वर्षीय मासूम दिख रहे हैं। आखिर पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की एस आई टी को पठानकोट एयर बेस के एक बहुत छोटे से हिस्से में जाने देने से राष्ट्र पर ऐसी कौन सी आफत आ रही है कि कांग्रेस का हर छोटा बड़ा नेता पानी पी पी कर मोदी को कोस रहा है | क्या यह उचित है | आज विज्ञान का युग है हर देश चाहे वह उपग्रह संप्रेषण में सक्षम न हो दूसरे देश से किराए पर लेकर अपने शत्रु देशों के चप्पे-चप्पे की एक-एक पल निगरानी कर रहा है | ऐसे में हम कैसे सोच सकते हैं कि हमारा पठानकोट एयर बेस पाकिस्तान के रडार या उपग्रह की निगरानी में नहीं होगा ? फिर भी भारत ने औपचारिक रूप से पाकी दल को एक निश्चित दायरे में ही घुसने की अनुमति दी, जो स्वाभाविक रूप से शत्रु के प्रति एक उचित व्यवहार था |

कश्मीर में असर

modi-fenku-03पिछली सरकारों तक वहाँ सुरक्षाकर्मियों की किस तरह पिटाई होती थी, परन्तु आज परिस्थितियाँ एकदम भिन्न हैं।

जो फेंकू मोदी का ही असर है। कुछ समय और इस फेंकू मोदी को दो। देखना वहां पाकिस्तानी और आईएसआईएस के झंडे फहराने वालों का क्या हाल होगा।

मोदी विरोधी यह नहीं बताएँगे कि आज इस फेंकू मोदी के डर से अलगाववादियों के पाकिस्तान भ्रमण पर कितना अंकुश लगा है।

फेंकू मोदी सरकार ने तैयार  किया भारत-पाक सीमा पर 5 चक्रीय सुरक्षा घेरा

यह पहला अवसर था जब काफी हिचकिचाहट से ही सही पाकिस्तान ने, चाहे इसे हम अमेरिकी दवाब माने या फिर पाकिस्तानी जनता का दवाब, इसे वहां की बदलती राजनैतिक सोच मानें या फिर मोदी की राजनैतिक चालों से पाकिस्तानी जनता, पाकिस्तानी सेना और राजनेताओं पर बना अंतरराष्ट्रीय दबाव कि उसने सिद्धांतत: तो माना कि यह हमला पाकिस्तान की धरती से हुआ और उसने इस आरोप की व्यवहारिक जांच को भी स्वीकार किया | किसी भी देश में किसी व्यक्ति को बिना आरोप यूं ही पकड़ कर बंद नहीं कर दिया जाता जब तक उसके विरुद्ध पर्याप्त सबूत न हों | यही स्थिति पाकिस्तान में है | वह भी जानता है कि उसके देश से कौन-कौन आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है किन्तु उन गतिविधियों का कार्यक्षेत्र पाकिस्तान नहीं है इस लिए वहां पर बिना ठोस सबूतों के (पाकिस्तानी न्यायालयों के भारत से स्वाभाविक शत्रुभाव, भारत को कश्मीर पर अनधिकृत रूप से काबिज मानने के कारण) कोई ठोस कार्यवाही तब तक सम्भव नहीं है जब तक न्यायालय के सामने पूरे ठोस सबूतों के साथ पाकिस्तानी सरकार अपना पक्ष रख कर उन्हें सजा न दिलवाए | स्वाभाविक रूप से कश्मीर के प्रति अलग रुख होने के कारण पाकिस्तानी पुलिस और नागरिक अधिकारियों का इन आतंकियों के प्रति एक रुझान तो सोने में सुहागा है ही | ऐसे में फ़ौज की जड़ों तक गहरा चुकी भारत दुश्मनी राजनैतिक शीर्ष नेतृत्व के प्रयासों की जड़ों में मट्ठे का काम करती है | इन स्वाभाविक विडम्बनाओं के बीच अगर पाकिस्तान का शीर्ष नेतृत्व जांच और सबूतों के एकत्रीकरण का साहसिक कार्य करता है तो उसमे रोड़े डालने के बजाय उसमे सहयोग होना देश के हित में है।

modi-fenku-02पठानकोट जैसे हमलों से भारत को सुरक्षित करने के लिए मोदी सरकार ने भारत-पाक सीमा पर 5 चक्रीय सुरक्षा घेरा तैयार किए जाने का निर्णय किया है l भारत-पाक सीमा को घुसपैठियों की पहुंच से दूर रखने के लिए केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस हाईटेक प्लान के जरिए भारत में सुरक्षा बढाने की बात कही हैं l गौरतलब है कि भारत में बढ़ते आतंकवादी हमलों को मद्देनजर रखते हुए ये कदम उड़ाया गया है l पठानकोट हमले से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने पाकिस्तान के साथ लगी 2900 किलोमीटर लंबी पश्चिमी सीमा की सुरक्षा को और मजबूत करने की योजना को मंजूरी दे दी है।

इस योजना के अमल होने पर 2900 किलोमीटर लंबे इंटरनेशनल बॉर्डर को पूरी तरह लॉक कर दिया जाएगा। चौबीसों घंटे नई तकनीक से सीमा की निगरानी की जाएगी। सरकार की इस तकनीक के जरिए सीसीटीवी के जरिए दूसरी ओर की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी l

हालाँकि ये कदम सरकार का आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है, केंद्र का मानना है कि इसी तरीकें से भारत में सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है l इसके जरिए पश्चिमी सीमा को पूरी तरह लॉक कर दिया जाएगा l इस योजना से सीमा के दोनों तरफ नजर रखी जाएगी l इस योजना के तहत सीमा के दोनों तरफ पर नजर रखी जा सकेगी।

इससे ना सिर्फ आतंकियों की घुसपैठ पर नजर रख पाना संभव होगा बल्कि इसके जरिए वैसे लोग भी पकड़ में आ सकेंगे जो आतंकियों के घुसपैठ के लिए भारत में मदद करते हैं। ये सिस्टम इतना प्रभावशाली होगा कि अगर गलती से किसी यंत्र में कोई खराबी आ जाएं तो खुदबखुद कण्ट्रोल रूम से कमांड दी जाएगी l

थर्मल इमेज और नाइट विजन डिवाइस की मदद ली जाएगी। बॉर्डर पर सर्विलांस (निगरानी) राडार भी लगेंगे, जिससे हर एक्टिविटी पर निगाह रखी जा सके। लेजर बैरियर्स लगेंगे ताकि पाक की तरफ से आने वाले आतंकी का पता चल सके। जमीन के अंदर मॉनिटरिंग सेंसर्स बिछाए जाएंगे। हर एक किलोमीटर पर ये सिस्टम लगाने में एक करोड़ रुपए का खर्च आएगा।

सरकार की मानें की इस सीआईबीएम्एस यानि कॉम्प्रिहेंसिव बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम तकनीक के जरिए 24*7*365 सीमा की निगरानी मुमकिन है। यानि की हर वक़्त सीमा पर नजर रखी जा सकेगी l एक वरिष्ठ अधिकारी की माने तो पठानकोट जैसे हमले, खुसपैठी और तस्करी जैसी सम्साओं के लिए ये एकमात्र समाधान  है l

16 करोड़ डॉलर बढ़ गया विदेशी पूंजी भंडार

प्रधानमंत्री मोदी जब से सरकार में आये हैं देशी मुद्रा के साथ साथ विदेशी मुद्रा भण्डार भी लगातार बढ़ता जा रहा है, कोयला घोटाले को रोककर और पारदर्शी तरीके से काल ब्लॉक्स का आवंटन करके मोदी सरकार ने सरकारी खजाने में करीब तीन ताख करोड़ रुपये जमा किये थे, ताजा आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी पूंजी भंडार आठ अप्रैल को एक सप्ताह में 15.74 करोड़ डॉलर बढ़कर 359.9172 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 23,813.2 अरब रुपये के बराबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार इस सप्ताह में 15.93 करोड़ डॉलर बढ़कर 335.8459 अरब डॉलर हो गया, जो 22,215.9 अरब रुपये के बराबर है।

बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।

वर्तमान अवधि में देश के स्वर्ण भंडार का मूल्य बिना किसी बदलाव के 20.115 अरब डॉलर बरकरार रहा, जो 1,334.3 अरब रुपये के बराबर है।

इस दौरान देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य नौ लाख डॉलर घटकर 1.501 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 99.8 अरब रुपये के बराबर है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूद भंडार का मूल्य आलोच्य अवधि में 10 लाख डॉलर घटकर 2.4553 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 163.2 अरब रुपये के बराबर है।

फेंकू मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पाकिस्तानी हिन्दुओं को भारत देगा जमीन

modi-fenku-01केन्द्र सरकार ने  भारत में रहने वाले पाकिस्तानी हिन्दुओं को बड़ी राहत दी है। अब पाकिस्तान के हिन्दू शरणार्थी भारत में प्राॅपर्टी खरीद सकेंगे। सरकार ने उन्हें बैंक खाता खोलने की इजाजत भी दी है। भारतीयों की तरह इन लोगों की भी खाते में पैसे जमा करने पर ब्याज मिलेगा।केन्द्रीय गृहमंत्रालय ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक ये लोग अब पैन या आधार कार्ड के लिए भी आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने पाकिस्तान के हिन्दू शरणार्थी को भारत के नागरिक के रजिस्ट्रेशन के लिए चुकाई जाने वाली फीस में भारी छूट देने का फैसला किया है। अब तक इसके लिए जहां 15,000 रुपए वसूले जा रहे थे, वहीं अब यह राशि घटाकर महज 100 रुपए कर दी गई है।देशभर में चार सौ पाकिस्तानी हिन्दू हैं, जो अहमदाबाद, राजकोट, कच्छ, जोधपुर, जेसलमेर, जयपुर, रायपुर, भोपाल, इंदौर, मुंबई, नागपुर, पुणे, लखनऊ और दिल्ली में रह रहे हैं। सरकार पाकिस्तान से आए इन हिन्दू शरणार्थियों पर नजर रखे हुए हैं। यहां इन लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, इसीलिए सरकार ने इन्हें यह रियायत देने का फैसला लिया है।