DIWALI 2020 : उत्तराखंड के चार जिलों में सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के तहत शासन ने देहरादून सहित चार जिलों (देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर) के छह शहरी क्षेत्रों में पटाखों पर बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। यहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बिकेंगे।

  • मुख्य सचिव ओमप्रकाश के हवाले से जारी आदेश के मुताबिक, देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, रुद्रपुर और काशीपुर के नगरीय सीमा क्षेत्रों में केवल हरित पटाखे या ग्रीन क्रेकर की ही बिक्री की जाएगी।
  • इसके साथ ही इन शहरों में दीपावली के दिन पटाखे फोड़ने का समय भी तय कर दिया गया है। 
    इन शहरों में दीपावली और गुरुपर्व पर रात आठ बजे से रात दस बजे तक ही पटाखे फोड़े जाएंगे।
  • इसके साथ ही छठ पूजा पर्व पर भी सुबह छह बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक ही पटाखे छोड़े जा सकेंगे। शासन के मुताबिक एक मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी यह आदेश जारी किया है।

क्या होते हैं ग्रीन पटाखे

ग्रीन पटाखों से प्रदूषण कम होता है। इनमें सामान्य पटाखों की तुलना में प्रदूषण फैलाने वाले सूक्ष्म कण 30 प्रतिशत कम होते हैं। इन पटाखों में लीथियम, आर्सेनिक, बेरियम, लीड जैसे रसायन इस्तेमाल नहीं होते हैं।

दीपावली पर प्रदूषण की निगरानी के लिए पीसीबी अलर्ट 

  • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पर्यावरण अभियंता डॉ. अंकुर कंसल ने बताया कि आतिशबाजी से प्रदूषण में आए बदलाव की जांच पड़ताल के लिए घंटाघर और नेहरू कॉलोनी स्थित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में दो मॉनिटरिंग स्टेशन खोले गए हैं।
  • दीपावली के मौके पर आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण की निगरानी के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) ने राजधानी में दो और नए मॉनिटरिंग स्टेशन खोले हैं।
  • ऐसे में अब राजधानी दून में तीन के बजाय पांच मॉनिटरिंग स्टेशनों से प्रदूषण की निगरानी की जा सकेगी।
  • वहीं क्षेत्रीय अधिकारियों से सात से लेकर 21 नवंबर तक प्रदूषण स्तर में आए बदलाव का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
  • इसके अलावा आईएसबीटी, राजपुर जैसे इलाकों में भी प्रदूषण की निगरानी की जा रही है।
  • डॉ. कंसल ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सात से लेकर 21 नवंबर तक प्रदूषण स्तर में आए बदलाव का ब्योरा भी मांगा है।