Dobra-Chandi Bridge: 58 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़कर पुल का निरीक्षण

टिहरी झील के ऊपर बने डोबरा-चांठी पुल की फाइनल लोड टेस्टिग का काम शुरू कर दिया है। मंगलवार को दक्षिण कोरिया के इंजीनियर जैकी किम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की टीम ने पुल के 58 मीटर ऊंचे टावर पर चढ़कर पुल का निरीक्षण किया।

  • पहले दिन कोरियाई इंजीनियर जैकी किम व टीम ने पुल की एप्रोच रोड और पुल के टावर का निरीक्षण किया।
  • इस दौरान पुल पर लगे लोहे के रस्सों के नेट बोल्ट को चेक किया गया।
  • डोबरा-चांठी पुल के प्रोजेक्ट इंजीनियर एसएस मखलोगा ने बताया कि मंगलवार को पुल पर लगे लोहे के रस्सों की जांच की गई।
  • कुछ रस्सों को टावर में लॉक किया है टावर पर चढ़कर उनकी स्थिति भी देखी गई। इस दौरान सभी कुछ सामान्य पाया गया।
  • पुल का पूरा निरीक्षण होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
  • लोड टेस्टिग के बाद सभी रिपोर्ट सही आने के बाद पुल पर वाहनों का संचालन शुरू किया जाएगा।
  • दो लाख की आबादी को मिलेगा फायदा

डोबरा-चांठी पुल की कुल लंबाई 725 मीटर है। इसमें सस्पेंशन ब्रिज 440 मीटर लंबा है। इसमें 260 मीटर आरसीसी डोबरा साइड और 25 मीटर स्टील गार्डर चांठी साइड है। पुल की कुल चौड़ाई सात मीटर है, जिसमें मोटर मार्ग की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर है, जबकि फुटपाथ की चौड़ाई 0.75 मीटर है।

वर्ष 2006 से परेशानी झेल रहे टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के निवासियों की मुश्किलें अब जल्द खत्म होने वाली हैं। डोबरा-चांठी सस्पेंशन ब्रिज(झूला पुल) की लोड टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। इस पुल के बनने से करीब दो लाख की आबादी की मुश्किलें कम हो जाएंगी। पहले जहां प्रतापनगर से नई टिहरी पहुंचने में करीब पांच घंटे लगते थे। वहीं, अब पुल के बनने के बाद यह दूरी घटकर सिर्फ डेढ़ घंटे रह जाएगी। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के हालातों में भी सुधार होगा। उम्मीद है कि अक्टूबर में पुल के ऊपर से वाहन गुजरने शुरू हो जाएंगे। दक्षिण कोरिया की कंपनी ने तैयार किया डिजाइन