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व्यंग्य: मोदी साब 100 रूपये दे दो

a3a4489f-e196-4e00-a839-e346855b8a39पीएम साब आप तो बड़े ही महान हो। ये क्या कर दिया आपने, जिससे कि सारी जनता को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। मोदी ज्यू आप गलतफहमी हो शायद कि पूरे भारत में आपकी वाहवाही मची हुयी है। लेकिन आपका ये फैसला तो काला नाग बनके दो लोगों को डस गया है। आपके इस फैसले को सुनते ही आसाम में दो लोगों का दिल धड़कना बंद हो गया और अब पता नहीं कौन सी दुनिया में होंगे वो।

पीएम साब, ऐसा ही चलता रहा तो आप लम्बी उमर की कामना नहीं देंगे लोग। आप क्या जानो मोदी जी, जिस दिन से नोट बंद हुये हैं। लोग पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं। आप तो बड़े भले निकले कि एटीएम भी दो दिन के लिए बंद करवा दिये। जिसको जरूरत थी पैसे कि उन्होंने क्या किया होगा सोचिये जरा।

भ्रष्टाचार बंद करवाना चाह रहे थे आप मोदी महाराज। लेकिन जिसके पास 500 और 1000 के नोट थे, वो पेट्रोल डलवाने गये। पेट्रोल तो डलवाया लेकिन 500 या 1000 का। उन्होंने भी तो अपनी आमदनी देखी। 1000 और 500 के खुले करवाने के लिए भी लोगों ने 1000 के 800 रूपये लोगों को खुले दिये। मोदी जी भ्रष्टाचार बंद करवाना है तो यह क्या है कि 1000 के खुले करवाके 800 मिलें।

100सजा तो आपको मिल ही गयी है मोदी जी। जो आपको आपके ही यूजर ने दी है। लगभग 3 लाख यूजरों ने भी आपका साथ ट्विटर में छोड़ दिया। अरे मोदी जी कंचे खेलते वक्त चीटिंग करोगे आप तो आपके दोस्त तो कट्टी होंगे ही आपसे। बैंक वालों का काम बढ़ा दिया आपने, बेचारे वहां के वर्कर भी कम्प्यूटर से सिर उठा नहीं पा रहे हैं। देख लेना पीएम साब, वो लोग भी आपसे कट्टी होने वाले हैं।

मोदी साब कुछ तो आपसे कट्टी हो रहे हैं, कुछ आपको गालियां दे रहे हैं और एक भाई साब तो शौचालय में दम तोड़ गये। उनको दिल का दौरा पड़ा और उनकी टांय-टांय शौचालय में ही फिस हुयी। प्लीज मोदी साब 100 का नोट भिजवा दो, ताकि एक बार दर्शन हो जायें। क्योंकि कई दिन हो गये, 100 का नोट देखा नहीं।


नोट: यह एक व्यंग्य है, इसमें सच्चाई को हास्य के साथ बंया करने का प्रयत्न किया गया है।