दावा भुगतान न होने के कारण पैसे की कमी के चलते किसान देश की कई प्रमुख कृषि योजनाएं फंड की कमी से जूझ रही हैं

कृषि मंत्रालय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अलावा कृषि लोन पर ब्याज सब्सिडी, राज्यों को दाल वितरण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट को बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन वित्त मंत्रालय द्वारा इन मांगों को ख़ारिज कर दिया गया.

नई दिल्ली: देश की कई प्रमुख कृषि योजनाएं फंड की कमी से जूझ रही हैं और उचित बजट आवंटन नहीं होने के कारण ये योजनाओं किसानों तक सही से नहीं पहुंच पा रही हैं.

इन दलीलों का हवाला देते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं के बजट में इस साल बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने इन सभी मांगों को खारिज कर दिया था.

सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के तहत प्राप्त किए गए दस्तावेजों से इसका खुलासा हुआ है.

मंत्रालय ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, कृषि लोन पर ब्याज सब्सिडी, राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को सब्सिडी पर दालों का वितरण वाली योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, बागवानी जैसी कई योजनाओं के बजट में बढ़ोतरी की मांग की थी.

हालांकि वित्त मंत्रालय ने कृषि मंत्रालय की दलील मानने से इनकार कर दिया था.

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के बजट विभाग के सीनियर सांख्यिकी अधिकारी श्याम लाल द्वारा 25 अक्टूबर 2019 को वित्त मंत्रालय को भेजे गए पत्र में कहा गया था कि वित्त वर्ष 2020-21 के लिए फसल बीमा योजना का बजट 19,690.19 करोड़ रुपये तय करने की जरूरत है.

अधिकारी ने अपने पत्र में कहा कि किसानों को प्रीमियम सब्सिडी देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता के लिए इसका बजट बढ़ाने की जरूरत है.

दस्तावेजों के मुताबिक, बजट बढ़ाने की मांग को सही ठहराते हुए आठ नवंबर 2019 को वित्त मंत्रालय के साथ हुई बैठक में कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत स्वैच्छिक बीमा कराने वालों की संख्या बढ़ी है और करीब 30 फीसदी कृषि क्षेत्र का इसके तहत बीमा हुआ है.

अग्रवाल ने इस योजना की सबसे बड़ी समस्या- समय पर किसानों को उनके दावे का भुगतान न किया जाना- की ओर ध्यान दिलाया और तत्कालीन सचिव (व्यय) अतनु चक्रवर्ती के साथ बैठक में कहा, ‘इस योजना के तहत कई दावों का भुगतान किया जाना लंबित है.’

हालांकि कृषि मंत्रालय की इस मांग को खारिज कर दिया गया और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पीएमएफबीवाई का बजट 15,695 करोड़ रुपये रखा गया.