बारावफात ईस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों

बारावफात या फिर जिसे ‘ईद ए मीलाद’ या ‘मीलादुन्नबी’ के नाम से भी जाना जाता है, ईस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है।

पूरे विश्व भर में मुसममानों के विभिन्न समुदायों द्वारा इस दिन को काफी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है क्योंकि मानवता को सच्चाई और धर्म का संदेश देने वाले पैंगबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्म इसी दिन हुआ था और इसी तारीख को उनका देहांत भी हुआ था।

ऐसा माना जाता है कि अपने इंतकाल से पहले मोहम्मद साहब बारह दिनों तक बीमार रहे थे।बारा का मतलब होता है बारह और वफात का मतलब होता है इंतकाल और क्योंकि बारह दिनों तक बीमार रहने के पश्चात इस दिन उनका इंतकाल हो गया था इसलिए इस दिन को बारावफात के रुप में मनाया जाता है।

यहीं कारण है कि इस्लाम में बारावफात को इतने उत्साह के साथ मनाया जाता है।इसके साथ ही इस दिन को ई ए मीलाद मीलादुन्नबी के नाम से भी जाना जाता है। जिसका मतलब होता है मुहम्मद के जन्म का दिन क्योंकि मोहम्मद साहब का जन्म भी इसी दिन हुआ था। यही कारण है शिया जैसे मुस्लिम समुदाय द्वारा इस दिन को जश्न और उत्सव के रुप में भी मनाया जाता है।