पहाड़ के शेर पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखी राम जोशी ने दिया पार्टी के नोटिस का जवाब

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ नेता लाखी राम जोशी ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं महासचिव से मिलकर पार्टी से मिले नोटिस का जवाब दिया पूर्व मंत्री जोशी का कहना है की उनके ऊपर पार्टी द्वारा लगाए गए अनुशासनहीनता के आरोप निराधार हैं उनके द्वारा उठाया गया प्रकरण पार्टी की छवि को सुधारने वाला कदम है। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को इस विषय में गंभीरता से सोचना चाहिए।

गौरतलब है की पूर्व कैबिनेट मंत्री जोशी जी द्वारा पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा गया था जिस पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि प्रदेश मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर किस तरह से भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं व हाई कोर्ट की तरफ से यह मामला अभी लंबित पड़ा हुआ है।

जिस पर यदि भविष्य में कोई कार्यवाही होती है तो इसका असर सीधा-सीधा पार्टी की छवि पर पड़ेगा जो कि पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

जोशी उन नेताओं में से हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कमल के फूल को पहाड़ों में उगाने का कार्य किया है। व पूरा जीवन भाजपा को समर्पित किया है।

आगे देखना होगा कि भारतीय जनता पार्टी अपने वरिष्ठ नेताओं की उठाई गई बातों को कितनी गंभीरता से लेती है व अपने वरिष्ठ नेताओं को किस तरह से सम्मानित करती है।

यह आपने आप में पहला मामला है जब पार्टी द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों पर स्पष्टीकरण मुख्यमंत्री से मांगा जाना चाहिए था किंतु स्पष्टीकरण सवाल उठाने व पार्टी की छवि बचाने वालों से ही मांगा जा रहा है।