देवभूमि समाचार - Devbhoomi Samachar

राज्य सरकार ने गरीब व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंता जाहिर की

cm-harish-news-sketch

अपने विकास कार्यों में व्यस्त मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य के विकास के साथ साथ जनता की समस्याओं को भी सुना। महिला सशक्तिकरण के तहत महिला मंगल दलों की भी सराहना की और महिला स्वतः सहायता समूहों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास किया। एक तरफ उन्होंने वृद्धावस्था में जीवन व्यतीत कर रहे लोगों के लिए योजनायें लागू की तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य बीमा योजना का भी शुभारम्भ किया।

बहरहाल, मुख्य बात करें तो अभी राज्य सरकार ने गरीब व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंता जाहिर की। नागल हटनाला के आंगनबाड़ी केंद्र में गौधारा योजना का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कुपोषित बच्चों का उपचार कराने की घोषणा की। कहा कि प्रत्येक माह की पांच तारीख को आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाएगा, जिसका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को मंडुवा, काले भट्ट व आयोडिन युक्त नमक के साथ अब कुपोषित बच्चों को दूध भी बांटा जाएगा। कुपोषित बच्चों को सप्ताह में दो दिन 200 ग्राम और अतिकुपोषित बच्चों को 400 ग्राम दूध दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर जांच के साथ ही प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे। इस दौरान महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी भी केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के मौके पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, महिला स्वयं सहायता समूह व महिला मंगल दलों को पुरस्कृत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विभाग के सचिव व अपर सचिव को महिला विकास संबंधी योजनाओं की नियमित रूप से मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी दिए। इस अवसर पर विधायक राजकुमार, सचिव भूपिंदर कौर औलख, निदेशक विम्मी सचदेवा रमन आदि भी उपस्थित रहे।