धधक रही वन सम्पदा बचाने कोे जुटे कांग्रेसी: किशोर

कांग्रेस अध्यक्ष ने वन सम्दा की रक्षा को राज्यपाल को भेजा पत्र

d_3देहरादून। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री किशोर उपाध्याय ने प्रदेश के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा पदाधिकारियेां को एक खुला पत्र लिखकर प्रदेश में धधक रही वन सम्पदा को बचाने के लिए जुट जाने का आह्रवान किया है। श्री उपाध्याय ने प्रदेश की आग से नष्ट होती वन सम्पदा की रक्षा हेतु इसी आशय का एक पत्र श्री राज्यपाल को भी प्रेषित किया है।

श्री उपाध्याय ने कहा है कि भले ही इस समय पूरा प्रदेश भारतीय जनता पार्टी और कंाग्रेस के कतिपय सत्ता लोलुप बागियों की बजह से राजनैतिक संकट की आग में धधक रहा है, लेकिन इस स्थिति में भी हमें अपने प्रदेश की आग से नष्ट होती वन सम्पदा को बचाने का दायित्व निभाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश मंे लोकतांत्रिक सरकार विहीनता की वर्तमान स्थिति में मेरा मन आग से धधकती प्रदेश की अमूल्य वन सम्पदा के लिए सर्वाधिक व्याकुल है। हमारे वन्य पशु, वृक्ष-वनस्पतियां, जल स्रोत और यहां तक कि ग्लेशियर भी इस भीषण दावानल से संकट में है। इस समय प्रदेश में भले ही हमारी सरकार कार्यकारी नहीं है, लेकिन इस प्रदेश की वन सम्पदा तो हमारी ही है। अतः मैं अपना और सभी कांग्रेसजनों का यह पुनीत कर्तव्य समझता हूं कि तन-मन-धन से इस समय प्राथमिकता के साथ सभी कांग्रेसजन जंगलों की आग बुझाने में जुट जांय। मैं स्वयं भी किसी दावानल ग्रसित क्षेत्र में इस कार्य हेतु पहुंच रहा हूं। ऐसे अवसरों पर कांग्रेस की यह परम्परा रही है कि बगैर सरकारी मदद या प्रोत्साहन के अपने को झोंक दें। मेरा निवेदन है कि स्थानीय नागरिकों तथा ग्रामीणों के सहयोग से तत्काल प्रभाव से इस कार्य में संलग्न हो जांय तथा अपने कार्य की प्रगति रिपोर्ट सीधे मुझे प्रेषित करें।

उन्होंने कांग्रेसजनों का आह्रवान किया है कि यह हमारे लिए अग्नि परीक्षा का अवसर है जिस पर हमें खरा उतरना है तथा यह साबित कर दिखाना है कि अन्य राजनैतिक दलों की भांति कांग्रेस भी केवल सत्ता की राजनीति नहीं करती है बल्कि समाज, देश और प्रकृति के हित में अपने कर्तव्यों का निःस्वार्थ भाव से पालन भी करती है। उन्होंने कांग्रेसजनों से आशा व्यक्त की है कि वे उनकी वेदना तथा इस संवेदनशील मसले पर उत्कण्ठा को समझ चुके होंगे। उन्होंने सभी कंाग्रेसजनों से उनके क्षेत्र की प्रगति रिपेार्ट कि आपने अपने आस-पास के वनों में किस तरह और कितनी वन सम्पदा को आग से बचाया है, प्रदेश कार्यालय को भेजने के निर्देश भी दिये हैं।