अब कड़वी दवा नहीं खानी पड़ेगी

रूद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड के 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सप्ताह के अन्तर्गत दिनांक 12 नवम्बर, 2017 को पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत क्षय रोगियों के लिए नई सुबह कार्यक्रम के तहत नवीन उपचार पद्धति का शुभारम्भ मुख्य चिकित्सा अधिकारी रूद्रप्रयाग डॉ0 सरोज नैथानी द्वारा जनपद के दूरस्थ ग्राम भीरी, विकासखण्ड अगस्त्यमुनि में किया गया।

जिसमें इनके द्वारा आम जनमानस को बताया गया कि नवीन उपचार पद्धति के अन्तर्गत दवाईयॉ नियमित रूप से रोज खानी होंगी, जो कि फिक्स डोज कम्बीनेशन में उपलब्ध हैं। जिस कारण गोलियों की संख्या पूर्व से काफी कम हो गयी है एवं रोगी को अधिक गोलियॉ खाने से छुटकारा मिल गया है, व फिक्स डोज कम्बीनेशन होने के कारण रोगी को उपचार की समस्त औषधियॉ एक ही गोली में प्राप्त हो सकेंगी, जिसकी मात्रा वजन के अनुसार दी जायेगी।

साथ ही क्षय रोग से पीडि़त बच्चों को भी अब कड़वी दवा नहीं खानी पड़ेगी, इसकी जगह उन्हें आसानी से घुलने वाली और फ्लेवर वाली दवा खिलाई जायेगी। साथ ही क्षेत्र में अधिक से अधिक क्षय रोगियों को खोजे जाने व चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराये जाने हेतु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय जनता में क्षय रोग के प्रति जागरूकता फैलाई गयी एवं आम जनमानस से आवाह्न किया गया कि रूढ़ीवादी विचारो को छोड़कर, इस रोग से लड़ने हेतु खुलकर सामने आये, और अवगत कराया गया कि नियमित ईलाज से टी0बी0 के रोगी आसानी से ठीक हो जाते हैं, बस जरूरत इस बात की है कि चिकित्सक की सलाह के बगैर ईलाज अधूरा न छोड़ें।

उक्त कार्यक्रम में ग्राम प्रधान भीरी श्रीमती सीता देवी, जनप्रतिनिधि श्री अनूप सेमवाल, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ0 ओ0पी0 आर्य, अधीक्षक, सामु0स्वा0के0 अगस्त्यमुनि डॉ0 नीतू तोमर, चिकित्सा अधिकारी डॉ0 विशाल वर्मा, एवं आर0एन0टी0सी0पी0 के समस्त कर्मचारी उपस्थित थे।

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