IPL 2020 Final: इस जंग में MI vs DC Playing

आईपीएल 2020 फाइनल

  • मंच सज चुका है. बिगुल फूंका जा चुका है. युद्ध अब बस शुरू ही होने जा रहा है.
  • आखिर वो कौन से 11-11 खिलाड़ी होंगे जो दुनिया की इस सबसे लोकप्रिय टी20 लीग के खिताबी मुकाबले में अपने कौशल का जलवा बिखेरेंगे.
  • ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर है कि आईपीएल 2020 फाइनल की इस जंग में दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस की ओर से कौन कौन से योद्धा उतरने जा रहे हैं.
  • इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान श्रेयस अय्यर और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा प्लेइंग इलेवन में किन खिलाड़ियों को शामिल कर सकते हैं.

मुंबई इंडियंस : कहीं कोई कमजोरी नहीं


1. रोहित शर्मा: कप्तान रोहित शर्मा चोट से उबरने के बाद लय में नहीं दिखे, लेकिन वे बड़े मैच में छाप छोड़ने में कसर नहीं रखेंगे. रोहित ने इस सीजन में 11 मैचों में 264 रन बनाए हैं.

2. क्विंटन डीकॉक: मुंबई का सलामी बल्लेबाज शानदार लय में है. 15 मैचों में 483 रन बना चुके क्विंटन से टीम को एक बार फिर आक्रामक शुरुआत की दरकार होगी.

3. सूर्यकुमार यादव: मौजूदा समय में भारत के सबसे अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में शुमार सूर्यकुमार यादव 15 मैचों में 461 रन बना चुके हैं. टीम को कई मैच जिताने में उनका योगदान अहम रहा है.

4. इशान किशन: इस बल्लेबाज के कहने ही क्या. 13 मैचों में इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 483 रन ठोक दिए हैं. और वो भी चार अर्धशतकों के साथ.

5. हार्दिक पंड्या: गेंदबाजी के लिए तो फिट नहीं हैं, लेकिन बल्ले से समय समय पर उपयोगी योगदान दिया है. उनकी आक्रामक पारियों का ही नतीजा है कि 13 मैचों में 183 के स्ट्राइक रेट से 278 रन बना चुके हैं.

6. कीरोन पोलार्ड: 15 मैचों में रन बनाए 259 लेकिन स्ट्राइक रेट रहा 190 से ज्यादा का. अपनी भूमिका में बिल्कुल खरा. पोलार्ड पर एक बार फिर टीम को बड़ा स्कोर देने की जिम्मेदारी रहेगी.

7. क्रुणाल पंड्या: बल्ले और गेंद दोनों से हिट. छोटी आक्रामक पारियों से टीम​ के लिए उपयोगी तो छह विकेट भी अपने नाम कर चुके हैं. रन देने में कंजूस.

8. जसप्रीत बुमराह: आईपीएल के किसी एक सीजन में सबसे कामयाब भारतीय गेंदबाज. बुमराह इस सीजन में अब तक 27 विकेट ले चुके हैं और पर्पल कैप धारी रबाडा से दो विकेट की दूरी पर हैं.

9. राहुल चाहर: मुंबई के लिए ट्रंप कार्ड. 15 मैचों में ले चुके हैं अब तक 15 ही विकेट. किफायती गेंदबाजी कर बढ़ाई विपक्षी टीम की परेशानी.

10. ट्रेंट बोल्ट: पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने वाले ट्रेंट बोल्ट के नाम इस सीजन में मुंबई की ओर से 22 विकेट दर्ज हैं. फाइनल में उनका प्रदर्शन अहम साबित होगा.

11. जेम्स पैटिनसन: तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर मुंबई की प्लेइंग इलेवन में इस आस्ट्रेलियाई क्रिकेटर को जगह मिलनी लगभग तय है. 10 मैचों में जेम्स 11 विकेट अपने नाम कर चुके हैं.

दिल्ली कैपिटल्स: संतुलन गजब का

1. शिखर धवन: आईपीएल में लगातार दो शतक जड़कर रचा इतिहास. इसके अलावा चार अर्धशतक ठोके. 16 मैचों में 603 रन बना चुके हैं और आरेंज कैप हासिल करने से 68 रन दूर।

2. मार्कर्स स्टोइनिस: इस आलराउंडर ने बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, दोनों विभागों में दिल्ली को संतुलन दिया है. हैदराबाद के खिलाफ क्वालीफायर में ओपनिंग की समस्या भी दूर कर दी. 16 मैचों में 12 विकेट लेने के अलावा 352 रन भी बनाए.

3. श्रेयस अय्यर: पिछले कुछ मैचों से कप्तान का बल्ला खामोश रहा है, लेकिन अब तक 16 मैचों में 454 रन बना चुके हैं. बड़े मैचों में जलवे बिखेरने में माहिर.

4. अजिंक्य रहाणे या पृथ्वी शॉ: एक जगह के लिए दो खिलाड़ी दावेदार हैं. हैदराबाद के खिलाफ रहाणे खेले थे, लेकिन बल्लेबाजी को आक्रामकता देने के लिए शॉ को उतारा जा सकता है. शॉ ने 13 मैचों में 228 रन बनाए हैं, वहीं रहाणे 8 मैचों में 111 रन ही बना सके हैं.

5. शिमरॉन हेटमायर: दिल्ली को फाइनल में पहुंचाने में हेटमायर की हैदराबाद के खिलाफ 22 गेंदों पर खेली गई 42 रन की पारी बेहद अहम है. अब तक 11 मैचों में 180 रन बना चुके हैं.

6. ऋषभ पंत: अनियमित फॉर्म चिंता की बात तो है, लेकिन उम्मीद है फाइनल में बल्ला बोलेगा. 13 मैचों में बनाए हैं 283 रन.

7. अक्षर पटेल: दिल्ली के स्पिन विभाग के अहम सिपहसालार. अब तक 14 मैचों में लिए हैं 9 विकेट. 6.61 की किफायती इकोनॉमी रेट.

8. रविचंद्रन अश्विन: अश्विन का अनुभव बेहद जरूरी. अहम मौकों पर विकेट लेने की कला में माहिर. 14 मैचों में नाम के आगे दर्ज हैं 13 विकेट.

9. कगिसो रबाडा: आईपीएल गेंदबाजी सूची के सरताज. 16 मैचों में सबसे ज्यादा 29 विकेट लेकर लंबे समय से पर्पल कैप पर काबिज.

10. एनरिच नॉर्खिया: तूफानी गेंदबाजी से सुर्खियां बटोरने के बाद दिल्ली के आक्रमण को संतुलन दिया. आईपीएल इतिहास के सबसे तेज गेंदबाज बनने के बाद 15 मैचों में 20 विकेट भी ले चुके हैं.

11. प्रवीण दुबे: नॉर्खिया, रबाडा के रूप् में दो मुख्य तेज गेंदबाज और स्टोइनिस के तौर पर तीसरा विकल्प होने के बाद प्रवीण दुबे की अहमियत अश्विन और अक्षर का साथ देने के हिसाब से बढ़ जाती है.