भारत ने एलएसी पर सेना को मजबूत करना शुरू कर दिया

इसी कड़ी में भारत ने बुधवार को ओडिशा तट पर एक टेस्ट फैसिलिटी से स्वदेशी बूस्टर के साथ एक विस्तारित-रेंज वाले सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का सफलतापूर्वक परीक्षण किया।

  • मिसाइल को बालासोर जिले में ‘इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज ‘(आईटीआर) से एक मोबाइल लांचर से सुबह करीब 10.30 बजे लॉन्च किया गया।
  • भारत-रूस के संयुक्त उद्यम, ब्रह्मोस मिसाइल की मार करने की क्षमता लगभग 400 किलोमीटर है।
  • ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने ट्वीट किया, “विस्तारित रेंज वाले ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ को बधाई। 
  • स्वेदशी बूस्टर वाला मिसाइल भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करेगा।”यह दूसरी बार है जब ब्रह्मोस के विस्तारित-रेंज संस्करण का परीक्षण किया गया है।

ब्रह्मोस मिसाइल को मूल रूप से 290 किलोमीटर की दूरी तक मार करने की क्षमता के साथ बनाया गया था। लेकिन अब इसकी रेंज को बढ़ाकर 400 किलोमीटर कर दिया गया है।

सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस की खासियत

  • ब्रह्मोस मिसाइल मध्यम दूरी तक मार करने वाली रामजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे पनडुब्बी, जहाज, लड़ाकू विमान अथवा जमीन से लांच किया जा सकता है।
  • मेक इन इंडिया के तहत रूस के साथ मिलकर भारत ने ब्रह्मोस को डेवलेप किया है।
  • ये 400 किलोमीटर की दूरी तक आसानी से मार कर सकती है।