ऊर्जा निगम अधिकारियों की सेवा तत्काल समाप्त कर दी गयी

हल्द्वानी में बीती 25 सितंबर को हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर कमल रावत की मौत हो गई थी। हल्द्वानी में करंट लगने से मौत के मामले में दो असिस्टेंट इंजीनियरों समेत कुल पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।साथ ही एक सबस्टेशन ऑपरेटर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। 

घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सचिव ऊर्जा राधिका झा को जांच के निर्देश दिए थे। सचिव ने मुख्य अभियंता रुद्रपुर को जांच सौंपी। जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। 

  • इस पर एमडी नीरज खैरवाल ने असिस्टेंट इंजीनियर विद्युत वितरण उपखंड सुभाष नगर नीरज चंद्र पांडे, एई टेस्ट हल्द्वानी रोहिताष पांडे, जूनियर इंजीनियर मोहम्मद शाकेब, टीजी वन चांद मोहम्मद, लाइनमैन नंदन सिंह भंडारी को निलंबित कर दिया है।
  • उपनल कर्मचारी सब स्टेशन ऑपरेटर चंदन सिंह नगरकोटी की सेवा समाप्त कर दी गई। निलंबित एई को मुख्य अभियंता वितरण हल्द्वानी कार्यालय व जेई, टीजी वन, लाइनमैन को एसई हल्द्वानी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। साथ ही एसई हल्द्वानी को प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए गए हैं। 

सीएम के दखल के चलते हुई इतनी बड़ी कार्रवाई

  • राज्य में पहले भी करंट से कई मौत हो चुकी हैं पर इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार हुई है।
  • पूर्व में लाइनमैन को निलंबित कर मामलस रफादफा कर दिया जाता था।
  • विभागीय लापरवाही से अकसर ही उपनल, सेल्फ ग्रुप के कर्मचारी गंभीर घायल हो जा रहे हैं।
  • कई मामलों में कर्मी की मौत तक हो जा रही है।
  • इसके बाद भी कभी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में भी सीएम के दखल के बाद जांच के आदेश दिए गए।
  • सीएम स्तर से आदेश न होते तो ये मामला भी हमेशा की तरह रफा-दफा हो जाता।