हमारे राज्य में मुख्य समस्या एनीमिया एव प्रदर रोग है : CM

tsbv90hcदेहरादून। मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा केन्द्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को हिमालयन इंस्टीट्यूट हाॅस्पीटल ट्रस्ट तथा स्वामी राम हिमालय विश्वविद्यालय, जौलीग्रान्ट हाॅस्पिटल मंे कैंसर यूनिट का उद्घाटन किया। अस्पताल प्रशासन को उनके प्रयासों के लिए बधाई देते हुए मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि यह एक प्रंशसनीय पहल है जो भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र में मील का पत्थर सिद्ध होगी। इस प्रयास से समाज में यह संदेश जाता है कि चिकित्सा संस्थाओं द्वारा लाभ के स्थान पर सामाजिक उदेश्यों या हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। यह सामाजिक कल्याण के साथ लाभकारी चिकित्सा पद्धतियों का तारतम्य बिठाने का एक अच्छा प्रयास है।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर उपस्थित केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रसाद नडडा से अनुरोध किया कि इस संस्थान को भारत सरकार की ओर से आवश्यक मान्यता शीघ््रा ही प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि इस यूनिट के विकास से न केवल उत्तराखण्ड के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा प्राप्त होगी बल्कि दिल्ली जैसे महानगरों के बड़े अस्पतालों पर मरीजो के अत्यधिक दबावों को कम करने में भी सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्यों के समक्ष वैसे तो विषम भौगोलिक स्थितियों तथा सीमित संसाधनों के कारण अनेक चुनौतियाॅं है परन्तु राज्य का चिकित्सा क्षेत्र  सर्वाधिक चुनौतीपूर्णं है। उक्त चुनौतियों का सामना करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्व़ारा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना प्रभावी रूप से लागू कि गई जिसके अन्र्तगत 1.75 लाख रूपये का बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है ताकि राज्य का निर्धन वर्ग आर्थिक संसाधनों के कमी होने पर भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित न रह जाय।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने केन्द्रीय मंत्री से आग्रह किया कि राज्य की दुर्गम परिस्थितियों को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में डाॅक्टरों को कुछ आवश्यक दवाएं प्रिस्क्राइब करने की अनुमति प्रदान की जाय। आज हमारे पास चिकित्सा आधारभूत सुविधाएं है परन्तु उनके संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन मौजूद नही है। भारत सरकार से अनुरोध है कि इस विषय पर गम्भीरता से विचार करते हुए राज्य में ‘‘मिनीमम मेडिकल फेसिलिटी एट एवरी डाॅर स्टेप’’ की अवधारणा को साकार किया जाय। इस वर्ष उत्तराखण्ड सरकार द्वारा दून मेडिकल काॅलेज आरम्भ किया गया। अगले वर्ष अल्मोड़ा में मेडिकल काॅलेज आरम्भ किया जा सकता है यदि केन्द्र सरकार द्वारा इसके लिए वितीय सहायता शीघ््रा अवमुक्त की जाय। राज्य सरकार नर्सिग के क्षेत्र में आठ नए संस्थान स्थापित करने जा रही है जो देश को अच्छी नर्सिग सेवा आपूर्ति में मदद करेगी। हमारे राज्य में मुख्य समस्या एनीमिया एव प्रदर रोग है अतः राज्य सरकार द्वारा वाॅर अगेस्ट एनीमिया एवं ल्यूकोरिया आरम्भ किया गया है। इसके लिए तीन वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है। हमे अपने चिकित्सा क्षेत्र में सुधार हेतु केन्द्र सरकार से सहयोग तथा सहायता की अपेक्षा है।

इस अवसर पर केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रसाद नडडा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य के प्रत्येक जिले में डायलिसिस सेंटर खोलने की योजना है इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित है। उन्होंने उत्तराखण्ड सरकार की मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की प्रंशसा करते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा इसमें 1 लाख रूपये तक का टाॅप अप किया जायेगा। इस अवसर पर सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, डा0 विजय सैनी, विधायक हीरा सिंह बिष्ट, त्रिवेन्द्र सिंह रावत आदि उपस्थित थे।