राज्य सरकार अब अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट वाले महीने में ही जीपीएफ प्रदान करेगी

  • राज्य सरकार अब अपने कर्मचारियों को रिटायरमेंट वाले महीने में ही जीपीएफ प्रदान करेगी।
  • जीपीएफ अब राज्य पेंशन ट्रेजेरी से सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में प्रदान किया जाएगा।
  • कर्मचारी जिस प्रकार से अपनी पेंशन व अन्य अवसरकालीन  सुविधा सीधे पाते हैं ठीक उसी तरह से जीपीएफ (General provident fund) एवं टीपीएफ ( Teachers Provident Fund) अब रिटायरमेंट वाले महीने में ही मिलेगा

वित्त विभाग के दिशा-निर्देश 

  • वित्त विभाग की तरफ से जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक अब राज्य सरकार के कर्मचारी को  रिटायरमेंट वाले महीने में ही निर्णायक जीपीएफ उनके खाते में चला जाएगा।
  • इसके साथ ही अवसर लेने के साथ ही पेंशन एवं अन्य अवसरकालीन सुविधा मिलेगी।
  • कर्मचारी को रिटायरमेंट वाले महीने में ही जीपीएफ प्रदान करने के लिए राज्य पेंशन ट्रेजरी अब नोडल ट्रेजरी के तौर पर कार्य करेगी।
  • पेंशन अधिकारी सभी जीपीएफ एवं टीपीएफ देय  के बारे में अपने कर्मचारियों को अवगत कराएंगे।
  • इसकी एक कापी संपृक्त कर्मचारी जिस अनुष्ठान में नौकरी कर रहा है उस अनुष्ठान के डीडीओ को प्रदान करेगी।
  • जीपीएफ प्रदान के लिए कर्मचारी के व्यक्तिगत उपस्थिति की जरूरत नहीं होगी।

खाते में जाएगी राशि 

  • वित्त विभाग ने कहा है कि सभी राशि कर्मचारी के खाते में जाएगी ऐसे में उस व्यक्ति की उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।
  • कर्मचारी का जीपीएफ खाता नंबर के आधार पर नोडल ट्रेजरी संपृक्त अवसर प्राप्त सरकारी कर्मचारी के वेतन जाने वाले बैंक खाते में या प्रोविजनल पेंशन खाते में चली जाएगी।
  • यदि सरकारी कर्मचारी की मौत हो जाती है तो फिर उसका देय आवेदन के साथ लीगल हायर सर्टिफिकेट को पेंशन प्रदानकारी अधिकारी के पास डीडीओ भेजेंगे। 
  • राज्य वित्त विभाग की तरफ से इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया गया है।
  • आगामी दिनों में इसके लिए  जीपीएफ एवं टीपीएफ नियम में संशोधन किए जाने की जानकारी वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अशोक कुमार मीना की तरफ से जारी विज्ञप्ति से यह बात पता चली है।