INDIA में PF पर 8.5 फीसदी ब्याज देने के लिए ETF की बिक्री कर सकता है EPFO, लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा

EPF Latest News Updates : देश के लाखों कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) खाते में डिपॉजिट रकम पर 8.5 फीसदी ब्याज देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) जल्द ही एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में करीब 6,000 करोड़ रुपये के निवेश में से कुछ हिस्सा बेच सकता है.

इस कदम से करीब 2,700 करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान है और देश के लाखों कर्मचारियों को फायदा होगा.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस साल ईपीएफ पर 8.50 फीसदी ब्याज देने का ऐलान किया था. इसे पूरा करने के लिए सीबीडीटी बुधवार एक बैठक आयोजित कर सकता है.

इस बैठक में पुराने ईटीएफ बेचने के अलावा कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है.

क्यों बेचना पड़ रहा ईटीएफ?

पीएफ पर 8.15 फीसदी रिटर्न के लिए ईपीएफओ के पास फंड है, लेकिन बाकी के 0.35 फीसदी के लिए सीबीडीटी को अपना ईटीएफ बेचना होगा.

ईपीएफओ के एक अधिकारी के अनुसार, सीबीडीटी ने हमें उचित समय पर निवेश बेचने की अनुमति भी दी थी.

हम 9 सितंबर को होने वाली मीटिंग में इस प्लान के साथ आगे जा सकते हैं. पहले सीबीडीटी मार्च में ही ईटीएफ होल्डिंग्स बेचना चाहती थी, लेकिन तब बाजार क्रैश होने के कारण कंपनी अपना प्लान कैंसिल करना पड़ा. यह प्रस्ताव जून तक वैध था, लेकिन इसे दोबारा रिन्यू कराया गया.

बीते पांच साल से ईटीएफ में निवेश कर रहा ईपीएफओ

ईपीएफओ वर्ष 2015 से ही ईटीएफ के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश कर रहा है.

मौजूदा निवेश पैटर्न के अनुसार, ईपीएफओ इक्विटी में अपनी एनुअल इंक्रीमेंटल रीसीप्ट का 15 फीसदी निवेश करता है, बाकी डेट में. ईपीएफओ निफ्टी 50, सेंसेक्स, सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) और भारत 22 इंडेक्स पर आधारित ईटीएफ में निवेश करता है.

ईपीएफओ व्यक्तिगत कंपनियों के शेयरों और इक्विटी में निवेश नहीं करता है. ईपीएफओ द्वारा सितंबर, 2019 तक ईपीएफओ द्वारा निवेश की गयी कुल राशि 86,966 करोड़ रुपये है.

ईपीएफओ की बैठक में किये जा सकते हैं कई फैसले

ईपीएफओ की बुधवार को होने वाली बैठक में कुछ अहम फैसले हो सकते हैं. केंद्रीय न्यासी मंडल (सीबीटी) ने इस साल मार्च में ईपीएफ पर 8.50 फीसदी ब्याज देने का ऐलान किया था.

बैठक में कर्मचारी भविष्य निधि पर साल 2019-20 के लिए 8.5 फीसदी ब्याज दिए जाने का मामला भी उठाया जा सकता है.

ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने 5 मार्च की बैठक में ईपीएफ पर 2019-20 के लिए ब्याज दर 8.50 फीसदी रखने की सिफारिश की थी, जो पहले से 0.15 फीसदी कम है.

ईपीएफ की यह प्रस्तावित दर 7 साल की न्यूनतम दर होगी.