प्री प्राइमरी स्कूलों को सरकार से NOC लेने में दिक्कतें नहीं उठानी पड़ेंगी

  • ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत शिक्षा विभाग से संबंधित सेवाओं को प्राप्त करने में अनावश्यक व्यवधान नहीं होने दिया जाएगा।
  • सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों की तर्ज पर इन्हें भी ऑनलाइन एनओसी मिलेगी।
  • उत्‍तराखंड में प्री प्राइमरी स्कूलों को सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने में दिक्कतें नहीं उठानी पड़ेंगी।

ईज ऑफ डूईंग को लेकर विभिन्न महकमों की बैठक

  • विभिन्न महकमों की तरह शिक्षा में भी ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत एनओसी देने की प्रक्रिया को सरल, समयबद्ध और ऑनलाइन किया जा रहा है।
  • मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बीते दिनों ईज ऑफ डूईंग को लेकर विभिन्न महकमों की बैठक में शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम समेत विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए थे।
  • शासन के निर्देश पर विभाग सीबीएसई और आइसीएसई स्कूलों को एनओसी देने की समयबद्ध ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर चुका है।
  • भौतिक सत्यापन के सात दिन बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा संबंधित पत्रावली को निदेशालय को भेजी जाएगी। निदेशालय परीक्षण के बाद 13 दिन में प्रकरण को शासन को अग्रसारित करेगा।
  • निदेशालय स्तर पर त्रुटि मिलने पर इसे मुख्य शिक्षाधिकारी को लौटाया जाएगा। इसी तरह शासन स्तर पर परीक्षण के बाद 20 दिन के भीतर एनओसी जारी की जाएगी।
  • शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के मुताबिक ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के तहत अब प्री प्राइमरी स्कूलों को एनओसी देने की समयबद्ध व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।
  • साथ में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर स्व घोषणापत्र जारी किया जाएगा। इस संबंध में जल्द शासनादेश जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्धारित टाइमलाइन के मुताबिक

इसके तहत आवेदन करने वाले संस्थान को सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने पर उक्त दोनों बोर्डों से संबद्धता के लिए एनओसी 60 दिन के भीतर मिलनी है।

इससे विद्यालयों को विभाग और शासन के चक्कर काटने से निजात मिल गई है। निर्धारित टाइमलाइन के मुताबिक आवेदन करने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय 27 दिन के भीतर आवेदन का निस्तारण करेगा।

आवेदन के परीक्षण के लिए पांच दिन का वक्त दिया गया है। पांच दिन में कमी मिली तो मुख्य शिक्षा अधिकारी इसे संबंधित संस्थान को लौटाएंगे। अन्यथा सभी शर्तें पूरी करने की स्थिति में 15 दिन के भीतर वह संस्थान का मौका मुआयना करेंगे।