DTH Companies की बाजार हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष में 34 फीसद थी जो अब बढ़कर 37 फीसद पर पहुंच गई है

कोविड-19 महामारी के कारण लोगों के घर पर ज्यादा रहने, घर से काम की संस्कृति बढ़ने और स्कूल-कॉलेज बंद होने से ‘डायरेक्ट-टू-होम’ (डीटीएच) सेवा देने वाली कंपनियों के ग्राहकों की संख्या छह से सात फीसद तक बढ़ गई है। 

बाजार अध्ययन एवं साख निधार्रक कंपनी क्रिसिल की शुक्रवार जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि डीटीएच कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पिछले वित्त वर्ष में 34 फीसद थी जो अब बढ़कर 37 फीसद पर पहुंच गई है।

उनका राजस्व भी चालू वित्त वर्ष में चार से छह फीसद के बीच बढ़कर 22 हजार करोड़ रुपये रहने की संभावना है।

इस दौरान फ्री डिश की बाजार हिस्सेदारी भी 19 फीसदी से बढ़कर 2० फीसदी पर पहुंची है जबकि केबल ऑपरेटरों की बाजार हिस्सेदारी 48 फीसदी से कम होकर 43 फीसद रह गई है। 

क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक सचिन गुप्ता ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष में डीटीएच कंपनियों का राजस्व 14 फीसद बढ़ा था। ग्राहकों की संख्या नौ फीसद और प्रति ग्राहक आमदनी पांच फीसद बढ़ने से यह इजाफा हुआ था।

चालू वित्त वर्ष में ग्राहकों की संख्या छह से सात फीसद बढ़कर 6.8 करोड़ के करीब पहुंच गई है, लेकिन प्रति ग्राहक आय एक से दो फीसद कम होकर 310-315 रुपये प्रति माह रह गई है।

इस कारण राजस्व में चार-छह फीसद की ही वृद्धि होगी। जिन लोगों ने एक से अधिक टेलीविजन सेट के लिए कनेक्शन ले रखा है उनके शुल्क में सरकार द्वारा कमी के आदेश के कारण प्रति ग्राहक आय कम हुई है। 

ओटीटी से फिलहाल टेलीविजन प्रसारण को कोई खतरा नहीं 

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल जनवरी से जून के बीच डीटीएच ग्राहकों की संख्या नौ फीसद बढ़ी है। महामारी के कारण घर से काम करने की परंपरा बढ़ने से भी नये ग्राहक बन रहे हैं।

इस बीच टीवी धारावाहिकों और खेल के मैदान में प्रतियोगिताओं के शुरू होने से यह क्रम जारी रहने की उम्मीद है। क्रिसिल का मानना है कि ओटीटी (ओवर द टॉप) से फिलहाल टेलीविजन प्रसारण को कोई खतरा नहीं है। दोनों एक साथ अपना अस्तित्व बनाये रख सकते हैं क्योंकि ओटीटी के लिए देश में बुनियादी ढांचा अभी तैयार नहीं है।