दिनेश धनै मंत्री आवास पर अध्यापक को जान से मारने की धमकी अध्यापक बुरी तरह जलील

dhnaiफिर से विवादों में दिनेश धनै
देहरादून: अक्सर विवादों में रहने वाले कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै एक बार फिर से विवादों में हैं। इस बार उनके पीए मणिपाल नेगी विवाद का कारण बने हैं। नेगी पर देहरादून स्थित नर्सिंग कालेज, ‘स्टेट स्कूल नर्सिंग’ के एक अध्यापक जीबी सेबस्टियन ने जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।
सेबस्टियन का आरोप है कि चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धनै के पीए नेगी ने बीते 26 नवंबर को उन्हें मंत्री आवास में बुलाया और बुरी तरह जलील करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि मंत्री के पीए ने धमकी इस लिए दी क्योंकि उन्होंने नियमविरुद्ध काम करने से इंकार कर दिया था।
मंत्री के पीए से धमकी मिलने के बाद नाराज अध्यापक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की बात सामने आने के बाद से कालेज के छात्र-छात्राएं उनके समर्थन में धरने पर हैं। दूसरी तरफ दिनेश धनै के पीए मणिपाल नेगी ने अपने ऊपर लगे आरोप को गलत बताया है।



दरअसल पूरा मामला नर्सिंग कोर्स में एडमिशन से जुड़ा है। जीबी सेबस्टियन का कहना है कि इस साल नर्सिंग के कोर्स में होने वाले एडमिशन के लिए दो जिलों, हरिद्वार और देहरादून की काउंसलिंग का जिम्मा उन्हें मिला हुआ था। उनका कहना है कि काउंसलिंग के दौरान एक अभ्यर्थी ऐसी पाई गईं जिनका नाम सूची में नहीं था।
इसके बाद उन्होंने उन अभ्यर्थी से जरूरी दस्तावेज दिखाने को कहा, जिस पर अभ्यर्थी ने कहा कि उन्हें प्रधानाचार्या ने अनुमति प्रदान कर दी है। इसके बाद सेबस्टियन ने प्रधानाचार्या से इस संबंध में लिखित आदेश जारी करने को कहा। सेबस्टियन का आरोप हे कि इस बात पर वे भड़क गईं और उन्होंने उन्हें सबक सिखाने की बात कह दी।
इसके कुछ ही देर बाद उन्हें मंत्री दिनेश धनै के पीए मणिपाल नेगी ने फोन करके मंत्री आवास बुलाया और बुरी तरह जलील करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आहत जीबी सेबस्टियन ने इसके बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया और खुद की जान को खतरा बताते हुए मंत्री के पीए के खिलाफ देहरादून के एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज करवाई।
इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत तथा देहरादून के जिलाधिकारी को भी इस बाबत सूचना दी है। लेकिन अभी तक न तो पुलिस की तरफ से और न ही शासन की तरफ से उनसे संपर्क किया गया है। इससे दुखी सेबस्टियन का कहना है कि प्रदेश में ईमानदारी से काम करने वालों के लिए कोई न्याय नहीं है।




जीबी सेबस्टियन के आरोप पर मंत्री दिनेश धनै के पीए मणिपाल नेगी ने सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने सेबस्टियन को कोई धमकी नहीं दी, बल्कि अपने अधिकारक्षेत्र में हरते हुए काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसका एडमिशन होना है और किस,का नहीं, यह प्रधानाचार्या और रजिस्ट्रार के अधिकार क्षेत्र में आता है न कि कक्षा अध्यापक के। उन्होंने आरोप लगाया कि कालेज की अंदरूनी राजनीति के चलते एक निर्दोष अभ्यर्थी को निशाना बनाया गया है।
विवादों के हमसाया धनै कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै और विवादों का ऐसा नाता रहा है कि दोनों को एक दूसरे का पूरक कहना गलत नहीं होगा। कैबिनेट मंत्री बनने से पहले से ही धनै ईमानदार अधिकारियों के साथ लड़ाई के लिए कुख्यात रहे हैं। उनके मंत्री बनने के बाद से तो इस कुख्याति में कई गुना की बढोतरी हो चुकी है। चाहे गढवाल मंडल विकास निगम के ईमानदार अधिकारियों के साथ विवाद हो या फिर पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के अनबन, हर जगह दिनेश धनै का नाम विवादों में ही घिरा है। अब नर्सिंग कालेज के अध्यापक से उनके पीए द्वारा की गई बदसलूकी का आरोप, धनै की विवादित छवि को और पुख्ता करता है। इसकी एक वजह यह भी है कि अभी तक धनै का इस प्रकरण पर कोई बयान नहीं आया है।

Source :http://www.dainikuttarakhand.com/dinesh-dhanai-controversy