भ्रष्टाचार के सभी प्रकरणों की जांच कराई जाएः कांग्रेस

-कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला, कहा अब तक के सभी मुख्यमंत्रियों की संपत्ति की जांच हो -कहा, सीबीआई पर भरोसा नहीं, हाईकोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए सीडी प्रकरण की जांच

देहरादून। कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की है कि प्रदेश में राज्य गठन से लेकर अब तक भ्रष्टाचार के जितने भी प्रकरण सामने आए उन सभी की स्वतंत्र सक्षम एजेंसी से जांच कराई जाए। इसके अलावा अभी तक के सभी मुख्यमंत्रियों की सम्पत्ति की जांच कर उसे सार्वजनिक किया जाय। इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों एवं पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने राज्यपाल से मुलाकात की।

कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से कहा कि भ्रष्टाचार से सम्बन्धित विभिन्न मामलों की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीशों से कराई जाए। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को एक ज्ञापन भी प्रेषित किया। श्री उपाध्याय ने राज्यपाल से यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के प्रकरण पर उन्होंने 18 अपै्रल को प्रेषित ज्ञापन में मांग की थी कि 2012 से लेकर अब तक भाजपा द्वारा सरकार पर लगाये गये तथाकथित भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की सक्षम स्वतंत्र ऐजेंसी से समयबद्ध जांच करवाने का आग्रह करते हुए आश्वासन दिया था कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की किसी भी जांच जिसमें से एक न्यायिक जांच का निर्णय बर्खास्त कांग्रेस सरकार पहले ही ले चुकी है, के लिए अपने को प्रस्तुत करेगी।

9 नवम्बर 2000 जब से राज्य का गठन हुआ है, तब से लेकर राष्ट्रपति शासन लगने तक भ्रष्टाचार के कोई भी प्रकरण, तब चाहे जिस भी माध्यम से लोगों के समक्ष आये हों, सभी प्रकरणों की स्वतंत्र सक्षम ऐजेंसी से जांच करवाई जाय और अभी तक के सभी मुख्यमंत्रियों की सम्पत्ति की जांच कर सार्वजनिक किया जाय। राज्य गठन से लेकर अब तक भ्रष्टाचार के प्रकरणों की जांच हेतु जितने भी आयोगों का गठन किया गया है, उनकी संस्तुतियों रिपोर्टों को अविलम्ब सार्वजनिक किया जाय तथा बेनामी सम्पत्ति के जब्ती के कानून को अध्यादेश के जरिये शीघ्र अस्तित्व में लाया जाय और इस हेतु आवश्यक अध्यादेश जारी किया जाय।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमण्डल ने आज सौंपे ज्ञापन में राज्यपाल से पुनः अनुरोध किया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की गरिमा के अनुरूप यहां की राजनीति का भी चरित्र होना चाहिए तथा इसी को लेकर कांग्रेसजनों ने भ्रष्टाचार के प्रकरण पर पूर्व में अनुरोध किया था लेकिन आश्चर्य की बात है कि एक तथा कथित सी.डी. प्रकरण की जांच सी.बी.आई. से करवाने की जानकारी मिली है।

प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष ने राज्यपाल से कहा कि सी.बी.आई. पूर्ण रूप से केन्द्र सरकार के दबाव में काम कर रही है इसलिए हमें उस पर भरोसा नहीं है अतः राज्य निर्माण से लेकर अब तक के सभी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग न्यायाधीशों के द्विपक्षीय आयोग को सौंपी जाय। राज्य व देश की राजनीति में सक्रिय लोगों से सम्बन्धित संस्थाओं की राज्य निर्माण से अब तक आवंटित  भूमि आवंटन को रद्द किया जाय या वर्तमान दर पर भूमि का मूल्य वसूल किया जाय। देहरादून की मलिन बस्तियों व नई बस्तियों में बसे हुए लोगों के राशन कार्डों को आधार मानकर नये भूमि पट्टे जारी किये जांय ताकि इन बस्तियों के लोगों को भू-माफियाओं के चंगुल से बचाया जा सके। कुछ प्रमुख राजनैतिक व सार्वजनिक व्यक्तियों पर सरकारी व ग्राम समाज की भूमि हड़पने के आरोप प्रकाश में में आये हैं, ऐसे सभी मामलों की दु्रत जांच आई.जी. पुलिस के नेतृत्व में गठित एस.आई.टी. को सौंपी जाय। राज्यपाल से मुलाकात करने वालों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के अलावा पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष जोत ंिसह बिष्ट, जया बिष्ट, मुख्य प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी, महामंत्री करण महरा, राजेश जुवांठा, राजेन्द्र भण्डारी, राजेन्द्र शाह, प्रवक्ता गरिमा दसौनी, मनीष कर्णवाल, अनुपमा रावत, लालचन्द शर्मा, सुरेन्द्र रांगड़, विनोद चैहान, अभिवन थापर आदि शामिल रहे।