राष्ट्रपति ने उत्तराखंड में वनाग्नि से हुए जन-धन के नुकसान पर चिंता जताई

-राष्ट्रपति ने राज्यपाल से कहा प्रभावित लोगों को हरसम्भव सहायता उपलब्ध करवाई जा

2_aAAदेहरादून। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राज्यपाल डा. कृष्ण कांत पाल को पत्र लिखकर उत्तराखण्ड में वनाग्नि के कारण जन-धन व पर्यावरण को हुए नुकसान पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए वनाग्नि में प्राण गंवाने वालों के प्रति संवदेना व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण व जैवविविधता को बचाने के लिए राज्य सरकार, राहत कर्मियों, सिविल संगठनों व स्थानीय जनता के प्रयासों की सराहना करते हुए विश्वास जताया है कि उत्तराखण्ड सरकार व यहाँ की जनता अपने दृढ़ संकल्प शक्ति से वनाग्नि की चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रभावित लोगों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध करवाई जाए।

राज्यपाल ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन द्वारा राज्य में वनाग्नि की अद्यतन स्थितियों से अवगत कराया और उन्हें वनाग्नि नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी भी दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो प्रयास किये जा रहे हैं उन्हें जारी रखा जाये अगर केंद्र से किसी भी तरह के संसाधनों की आवश्यकता है तो तत्काल अवगत कराएं। केंद्र सरकार वनाग्नि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मदद हेतु पूरी तरह से तत्पर है। राज्यपाल ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जाव़डेकर से भी दूरभाष पर वार्ता करके उत्तराखण्ड में वनाग्नि की स्थिति और इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों व आवश्यक उपायों पर विचार विमर्श किया। राज्यपाल डा0 कृष्ण कांत पाल ने आज भी सचिवालय में अपने दोनों सलाहकारों तथा मुख्य सचिव के साथ बैठक करके वनाग्नि नियंत्रण हेतु किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।