मानवीय त्रुटियों के कारण होती है दुर्घटनायें: राज्यपाल

d_2देहरादून। नार्थ इस्टर्न रेलवे के आपदा प्रबन्धन एंव प्रशिक्षण केन्द्र लखनऊ द्वारा राज्य अतिथि गृह नैनीताल में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारम्भ बुद्धवार को राज्यपाल डा० कृष्ण कांत पाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

मिटिगेशन एण्ड रिस्पांस टू फाॅयर हैजर्ड विषय पर आयोजित सेमिनार के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि अधिकांश दुर्घटनायें मानवीय त्रुटियों तथा लापरवाही के कारण घटित होती हैं। प्राकृतिक आपदा का दायरा बड़ा हो सकता है किन्तु अग्नि से उत्पन्न दुर्घटनाओं का दायरा सीमित होने के बावजूद जान व माल की अधिक क्षति के कारण ज्यादा भयावह और गंभीर होता है। अग्नि से सम्भावित आपदा की रोकथाम के लिए अत्यधिक सचेत रहने और सावधानी बरतने की आवश्यकता है। भवन व रेल के डिब्बों आदि अन्य संसाधनों के निर्माण के साथ ही अग्नि रोधक व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होने कहा कि रेल की बोगियों को आग से बचाने के लिए अधिकारियांे व कर्मचारियो का प्रशिक्षित होना जरूरी है। रेलवे की करोडों की सम्पत्ति तथा रेल यात्रियों के जानमाल की सुरक्षा के लिए रेलवे को आधुनिकतम उपाय अपनाने के साथ ही यात्रियो को भी आग की दुर्घटना के कारकों के प्रति सचेत रहने की जानकारी भी देनी होगी। यात्रियों तथा रेलवे संयुक्त प्रयासांे से हम अग्नि आपदा को रोकते हुये लोगांे को सुरक्षित कर सकते हैं। राज्यपाल ने उत्तराखण्ड में बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विदेशों मे वनो को आग से बचाने के लिए आधुनिकतम उपायों का अपनाया जा रहा है। हमें भी ऐसी व्यवस्थाओं को अपनाते हुए अपनी  बहुमूल्य प्राकृतिक वन सम्पदा को सुरक्षित रखना होगा।

राज्यपाल ने कहा कि विश्व की सबसे बडी भारतीय रेल सेवा प्रतिदिन करोडों लोगों को सफर कराती है। देश के प्रत्येक वर्ग में समान रूप से लोकप्रिय होने के कारण भारतीय रेल राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक है। उन्होनंे कहा कि बदलते दौर में भारतीय रेल ने काफी उन्नति की है। आधुनिकतम कोच व बोगियों के साथ ही रेलो की रफ्तार मे भी काफी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां भारतीय रेल ने आधुनिकतम व्यवस्थाओं को छुआ है वही मेट्रो रेलवे का कान्सैफ्ट सामने आया है ऐसे में रेलवे महकमे को और अधिक तत्परता से कार्य करना होगा। जीवन मंे प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है प्रशिक्षण से व्यक्ति की कार्य प्रणाली व क्षमता विकसित होती है। उन्होनें कहा कि आपदा से सम्बन्धित रेलवे के छोटे से छोटे कर्मचारी को इस बावत प्रशिक्षण देना होगा तथा इस प्रकार के सेमिनार आयोजित करने हांेगे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण सेमिनार के आयोजन के लिए रेलवे महकमे को बधाई दी। आपदा प्रबन्धन प्रशिक्षण केन्द्र के सामान्य सचिव एपी सिह द्वारा संस्थान के साथ ही रेलवे में अग्नि सुरक्षा के उपायो की जानकारी दी गई। इस सेमिनार में देशभर से आये रेलवे के लगभग २०० अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। सेमिनार में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी केके अग्रवाल, बीएन माथुर, रेलवे जोन के विभिन्न अधिकारियांे के अलावा आयुक्त कुमायू मंडल अवेन्द्र सिह नयाल, डीआईजी पीएस सैलाल, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल आदि अधिकारी मौजूद थे।