सिटी बस चालक दिखा रहे यातायात नियमों को ठेंगा

dehradun-city-busदेहरादून। राजधानी देहरादून में चलने वाली सिटी बस चालकों द्वारा यातायात नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। शहर में दौड़ती यह बेकाबू सिटी बसें कब किसकी जान ले ले कुछ कहा नहीं जा सकता। परिवहन विभाग द्वारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

सिटी बसों की धींगामुश्ती पर कार्रवाई के लिए पुलिस व परिवहन विभाग के आला अधिकारी समय-समय पर दिशा निर्देश देते रहते हैं, लेकिन इन निर्देशों का पालन कुछ दिनों तक ही होता है। पिछले लंबे समय से न तो पुलिस ने कोई अभियान चलाया, न ही परिवहन विभाग ने कोई चैकिंग की। शहर में सबसे अधिक नियमों को तोड़ने वाले सिटी बसों के चालक ही रहते हैं। हर साल सिटी बसों की बेकाबू रफ्तार से शहर में औसतन 40 बड़े हादसे होते हैं, जिनमें जान तक चली जाती है। यह बसें क्षमता से कई  गुना अधिक सवारियां लेकर दौड़ती हैं।

दोनों दरवाजों पर आधा-आधा दर्जन सवारियां लटककर चलती हैं। इन बसों में महिला व विकलांग आरक्षित सीटों पर मनचलों का कब्जा रहता है। चालक-परिचालक के अलावा कुछ मनचले हेल्पर के रूप में सवार रहते हैं। यह मनचले हेल्पर चैराहों और सड़कों पर सीटी बजाकर युवतियों से छेड़छाड़ करते हैं। प्रतिबंध होने के बावजूद बस में तेज आवाज म्यूजिक सिस्टम बजाते हैं। सड़क पर वाहनों की भीड़ के बावजूद कहीं पर भी बस को आड़ी-तिरछी घुसा देते हैं। यह सिटी बसें अपने रूकने के लिए निर्धारित स्थान पर भी नहीं रूकती हैं। कहीं पर भी यह सवारी उतार और चढ़ा देते हैं।