वनाग्नि से निपटने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश

DSC_0004-copyदेहरादून। प्रदेश में बढ रही वनाग्नि की घटनाओं को देखते हुए वन मंत्री उत्तराखण्ड सरकार दिनेश अग्रवाल ने मंथनसभागार में वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर वनाग्नि से प्रदेश में अब तक हुए नुकसान की जानकारी ली तथा वनाग्नि से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश  अधिकारियों को दियें।

बैठक वन मंत्री श्री अग्रवाल द्वारा वनाग्नि से हुए अब-तक हुए जान माल के नुकसान की जानकारी लेने पर अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि इस वर्ष 21 अप्रैल 2016 तक पूरे प्रदेश में 743,990.00 (सात लाख तिरालिस हजार नौ सौ नब्बे) की धनराशि का नुकसान होने का आंकलन किया है। अधिकारियों द्वारा अवगत कराया कि वन प्रभाग उत्तरकाशी की मुखेम रेंज में फरवरी 2016 वनाग्नि से 2 महिलाओं की मृत्यु हुई है। वन प्रभाग नैनीताल की नैनौरेंज में 14 अप्रेल 2016 को वनाग्नि से 1 पुरूष घायल हुआ तथा वन प्रभाग चमोली के केदारनाथ जीव विहार की गोपेश्वर रेंज में 26 मार्च 2016 को वनाग्नि से घायल हुआ है चमोली वन प्रभाग के केदारनाथ जीव विहार की धनपुर रेंज में 16 अप्रैल 2016 को वनाग्नि से गौशाला जलने से 7 पशु मर गये।

बैठक में वन मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में वन विभाग के कू्र स्टेशन की जानकारी लेने पर अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि 1166 क्रू स्टेशन कार्य कार्य कर रहें है जिनमें प्रत्येक कू्र स्टेशन में 5 से 7  कर्मचारी तैनात है।

बैठक में श्री अग्रवाल ने कहा कि वनाग्नि एक गम्भीर समस्या है, जिससे निपटना अति-आवश्यक है उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को गम्भीर होकर कार्य करने तथा वनाग्नि को रोकने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये। उन्होने विभाग वनाग्नि की सूचना प्राप्त करने हेतु नम्बर की जानकारी लेने पर अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग प्रदेश में वन मित्र के नाम से सेवा है जिसका नम्बर 9208008000 पर वनाग्नि की सूचना दी जा सकती है। उन्होेने वन विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की छूट्टी रद्द करने के निर्देश अपर प्रमुख सचिव वन डाॅ रामास्वामी को दिये। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोई भी अधिकारी कार्यालय में  नही बैठेगा। उन्होने निर्देश दिये की वनाग्नि की सूचना प्राप्त होने पर अधिकारी तत्काल मौके पर पंहुचे कृत कार्यवाही से अवगत करायें। उन्होने निर्देश दिये  अधिकारी प्रतिदिन क्षेत्र में भ्रमण कर मानरिटरिंग कू्र स्टेशन तथा वनाग्नि की घटनाओं को रोकने हेतु किये गये कार्यों की  रिपोर्ट प्रस्तुत करेगें। उन्होने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होने कहा वनाग्नि रोकने हेतु धन की कोई कमी नही आने दी जायेगी, उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मैनपावर बढाई जाये जिससे वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। उन्होने कहा कि वनाग्नि रोकने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाये तथा जिलाधिकारी, शिक्षा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए स्कूलों तथा पंचायतों में शपथ पढाई जाये वनाग्नि से लोगों को जागरूक किया जाय।