राम की नगरी अयोध्या में 500 सौ वर्ष बाद दीपोत्सव कार्यक्रम बेहद ही खास

भगवान राम की नगरी अयोध्या में 500 सौ वर्ष बाद रामजन्मभूमि प्रांगण में इस साल दीप जलेंगे।

तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम

  • यहां पर पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन होने के बाद इस बार तो अयोध्या का तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम बेहद ही खास होगा।
  • 11 से होने वाले तीन दिनी दीपोत्सव में 13 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। इसको लेकर शासन और प्रशासन ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।
  • इस दौरान दीपोत्सव को भव्य स्वरूप देने के लिए आकर्षक लेजर शो आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से ही भगवान राम के अयोध्या आगमन का चित्रण किया जाएगा।
  • दीपोत्सव में अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित इस लेजर शो के माध्यम से भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन का चित्रण किया जाएगा। 
  • भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन पर नगरवासियों द्वारा उनके स्वागत में प्रज्‍जवलित किए गए दीपों की जगमगाहट का चित्रण भी इस लेजर शो के माध्यम से देखने को मिलेगा।
  • अधिकारियों के मुताबिक लेजर शो भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन पर नगरवासियों की प्रसन्नता और उनके स्वागत में किए गए आयोजन को भी दर्शाएगा।

भगवान श्रीराम की स्तुति

  • इसमें शंख और घण्टियों की ध्वनि का समावेश होगा। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित नृत्यों जैसे भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी, कुचिपुड़ी और कथक नृत्य को भी लेजर शो के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
  • इसके तहत भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के बाद उनके अयोध्या आगमन के दृश्य को चित्रित करेगा। भगवान श्रीराम की स्तुति ‘श्रीराम चंद्र पालु भजमन’ भी पृष्ठभूमि में सुनने को मिलेगी। लेजर द्वारा वर्चुअल आतिशबाजी का कार्यक्रम दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण होगा।
  • आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ सरकार का अयोध्या में यह चौथा दीपोत्सव है।
  • बाकी आयोजनों की तरह इसमें भी 5़51 लाख दीपक प्रज्‍जवलित कर एक नया रिकर्ड बनाने की तैयारी है।
  • इन दीपकों को जलाने में करीब आठ हजार स्वयंसेवकों (एनसीसी, एनएसएस, स्काउट और स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों) की मदद ली जाएगी।
  • नगर के अलग-अलग वार्डो में दीपक जलाने और साज-सज्जा भी कराई जाएगी।