अमेरिका की कोरोना वायरस की एक प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन तीसरे चरण में पहुंची

कोरोना वायरस कहर के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ऐलान किया कि एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन क्लिनकल ट्रायल के तीसरे फेज में पहुंच चुकी है और जल्द ही इसे फाइनल अप्रूवल मिल सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ‘मैं यह घोषणा करते हुए प्रसन्न हूं कि एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे फेज तक पहुंच गई है और उन विभिन्न वैक्सीन में शामिल हो गई है, जो बनने के काफी करीब है। संयुक्त राज्य अमेरिका में हम ऐसी चीजें कर रहे हैं, जो लोगों को लगा था कि यह संभव नहीं है।’

उन्होंने कहा कि इस वैक्सीन की प्रक्रिया में कई साल लग सकते थे, मगर उनके प्रशासन ने कुछ ही महीनों में काम कर दिया। एस्ट्राजेनेका ने भी यह घोषणा की है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित इस वैक्सीन का अमेरिका में 80 अलग-अलग जगहों पर लगभग 30,000 वयस्क वॉलंटियर्स पर ट्रायल किया जाएगा।

दरअसल, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस से निपटने के लिए ऑपरेशन वार्प स्पीड की तैयारियों में जुटे हुए हैं। कोरोना वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल अमेरिका में वार्प स्पीड ऑपरेशन का एक हिस्सा है। ऑपरेशन वार्प स्पीड का उद्देश्य जनवरी 2021 तक कोरोना वायरस की एक प्रभावी और सुरक्षित वैक्सीन की 300 मिलियन खुराक बनाना है।

अमेरिका में एस्ट्राजेनेका के अलावा, मॉडर्ना भी वैक्सीन बनाने की रेस में आगे चल रही है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच अमेरिका में जल्द ही इसके वैक्सीन को मंजूरी मिल सकती है। अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफडीए) के प्रमुख स्टीफन हॉन ने अनुमान जताया है कि अगर तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण में परिणाम बेहतर मिलते हैं तो इसके पूरे होने से पहले ही कोरोना की किसी वैक्सीन को शीघ्र पंजीकृत किया जा सकता है।