जिलास्तर के अफसरों से विभिन्न विकास कार्यों की रिपोर्ट लेंगे मुख्यमंत्री

त्रिवेंद्र सरकार व भाजपा संगठन दोनों चुनावी मोड में आ चुके हैं। मंत्रियों के विभागों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे कार्यकर्ताओं से रूबरू होने के साथ ही जिलास्तर के अफसरों से विभिन्न विकास कार्यों की रिपोर्ट भी लेंगे।

  • राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सवा साल से भी कम वक्त रह गया है। ऐसे में भाजपा सरकार और संगठन सक्रिय हो गए हैं। बीते करीब सात माह से कोरोना संक्रमण के चलते विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
  • हालांकि, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सीएम ने भरपाई की कोशिश की, लेकिन असल तस्वीर मौके पर जाकर ही साफ हो पाती है।अब विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार खुद जिलों में जाएगी और जनसमस्याओं का निस्तारण भी मौके पर ही करेगी।
  • सीएम सचिवालय दिवाली के बाद मुख्यमंत्री के जिलों के दौरों के कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देगा।
  • वहीं, भाजपा संगठन के जहां 12 नवंबर तक प्रदेशभर में प्रशिक्षण वर्ग चलेंगे,वहीं प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत दिवाली के बाद हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक दिन बिताकर कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।
  • सीएम पहले चरण में मंत्रियों के विभागों की समीक्षाएं कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक व सुबोध उनियाल के विभागों की समीक्षा वे कर चुके हैं।
  • इनके जरिए पहले वे खुद अपडेट होना चाहते हैं कि किन-किन जिलों में विकास कार्य उनकी मंशा के हिसाब से गति नहीं पकड़ रहे हैं। जिलों में जाकर वे ऐसी योजनाओं में तेजी लाने की रणनीति पर काम करेंगे। 

मंत्रियों के विभागों की समीक्षा

  • 03 नवंबर    अरविंद पांडेय
  • 04 नवंबर    हरक सिंह रावत
  • 05 नवंबर    सतपाल महाराज
  • 11 नवंबर    रेखा आर्य
  • 12 नवंबर    धन सिंह रावत
  • 18 नवंबर    यशपाल आर्य

समीक्षा बैठकों के बाद जिलों का भ्रमण करेंगे मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, मंत्रियों के विभागों की समीक्षा बैठकों से फुर्सत मिलने के बाद जिलों का भ्रमण शुरू करेंगे।
  • हालांकि हाल ही में वे पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और पौड़ी जिले का एक बार भ्रमण कर चुके हैं, लेकिन अब मुख्यमंत्री नियमित तौर पर जनपदों में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग और फिर जिलास्तर पर विभिन्न विभागों के अफसरें के साथ विकास कार्यों व योजनाओं की समीक्षाएं करेंगे।
  • खासकर वे अफसरों से पूर्व में की गई घोषणाओं की ताजा स्थिति का अपडेट लेंगे।