लद्दाख में पैंगोंग झील के इलाके पर चीन अब अपनी पैनी नज़र

  • कई महीनों से लद्दाख सीमा पर चल रहा तनाव थमता हुआ तो दिखाई नहीं दे रहा है। बीते दिनों भारत और चीन के बीच कोर कमांडर लेवर की मीटिंग जोकि 11 घंटे से ज्यादा चली, और रात 11:30 बजे खत्म हुई।
  • ऐसे में इस बीच एक ऐसी बात सामने आई है जिसने भारत की चिंता को पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा दिया है। लद्दाख में पैंगोंग झील (pangong) के इलाके पर चीन अब अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है।

पैंगोंग त्सो की गहराई पर अब अपनी पैनी नज़र

  • सूत्रों से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सेना की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ग्राउंड फोर्स (PLAGF) हाइस्पीड पेट्रोलिंग क्राफ्ट के माध्यम से पानी पर नज़र चुभोए हुए है। 
  • इनमें Type 305, Type 928D बोट का इस्तेमाल करने का काम किया जा रहा है।
  • साथ ही ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों से इसका भी दावा किया जा रहा है कि चीन अब पैंगोंग त्सो की गहराई को जानने की भी कोशिश कर रहा है।

ताज़ा तकनीक का इस्तेमाल

  • और इस काम के लिए चीन दुनिया की ताज़ा तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। ये तकनीक एंटी सबमरीन वॉरफेयर के लिए काम में लाई जाती है।
  • दूसरी तरफ भारत भी चीन का मुकाबला करते हुए सीमा पर डटा हुआ है। ऐसे में सीमा विवाद को लेकर चीन के साथ चल रहे तनाव के बीच भारत अपनी तैयारियों को लगातार तेजी से तैयारियों को पूरा करने में लगा हुआ है।
  • .60 चीनी गिरफ्तार: सेना ने तेजी से किया वार, धर-दबोचा पूरा जहाज

बेहद अहम चुनौती

  • चीन से लगी सीमा दुर्गम इलाकों में पड़ती है और समय आने पर अग्रिम मोर्चों पर ज्यादा सैनिकों को पहुंचाना हमेशा एक बेहद अहम चुनौती रहती है।
  • इन हालातों को देखते हुए भारत सरकार बीते कई सालों से सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को उन्नत करने में जुटी हुई है।
  • जिसमें भारत को अब जाकर बड़ी सफलता मिली है। इसी कड़ी में सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान व चीन से लगे सीमावर्ती इलाकों में बनाये गये 44 पुलों को राष्ट्र को समर्पित किया।