दो दिवसीय आपदा रेसक्यू प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन

DSC09484चम्पावत। आपदा के दौरान कम समय में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर अधिक से अधिक लोगों को राहत पहुॅचाने हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों का दो दिवसीय आपदा रेसक्यू प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन जिला कार्यालय सभागार में किया गया।

एनडीएमए के कन्सलटेन्ट बीबी गडनायक ने कार्यशाला में आईआरएस सिस्टम के विषय में जानकारी देते हुए बताया यह सिस्टम पूरे देश के लिये तैयार किया गया है तथा 7 डेस्क सिस्टम के स्थान पर यह सिस्टम सम्पूर्ण देश में आपदा के समय एक समान रूप से कार्य करेगा। आईआरएस सिस्टम के माध्यम से कर्मचारियों एवं अधिकारियों के दायित्वों को पहले से ही निर्धारित किया गया है ताकि आपदा आने पर सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बिना किसी आज्ञा का इन्तजार किये अपने-अपने कार्यो में लग जाये तथा बचाव एवं राहत कार्यो को त्वरित गति से अंजाम दिया जा सके। इस सिस्टम के माध्यम से विभिन्न राहत एवं बचाव कार्य करने वाली एजेन्सियों में सामन्जस्य स्थापित किया गया है।

कार्यशाल में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तार में जानकारी देते हुए विशेषज्ञ ने टास्कर्फोस टीम को गठित कर व्यवस्थित संचालन करने एवं समय-समय पर अभ्यास के साथ तैयार रहने की बात कही। उन्होंने जिले में उपलब्ध संसाधनों का पूरा खाका तैयार करने की बात कहते हुए बताया कि जो संसाधन सरकारी महकमे के पास उपलबध नहीं है वे प्राइवेट सैकटर में चिन्हित किये जायें ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्राप्त किये जा सके। जनपद के भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से जिन अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता है उनका मांग प्रस्ताव समय रहते तैयार करने को कहा।

जिला मजिस्ट्रेट दीपेन्द्र कुमार चैधरी ने बतया कि 25 अप्रैल को वाॅकी-टाॅकी एवं वायरलेस सिस्सटम का प्रशिक्षण अधिकारियों को दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि आपदा की तैयारियों का जायजा एवं कमियों को दूर करने हेतु माह के अंत में माकड्रिल अभ्यास प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए माकड्रिल अभ्यास के लिए सभी अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश दिये है।

कार्यशाला में एडीएम जेएस राठौर, सीडीओ हरगोविन्द भट्ट, एसडीएम सीएस डोभाल, एसडीएम भगतसिंह फोनिया, एसडीएम निर्मला बिष्ट, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, प्रभारी अधिकारी जिला कार्यालय सीमा विश्वकर्मा, आपदा प्रबन्धन अधिकारी मनोज पांडेय, युवा कल्याण अधिकारी हरीश चन्द्र जोशी आदि जिलास्तरीय अधिकारी एवं पुलिस अधिकारी मौजूद थे।