टास्कर्फोस टीम को गठित कर किया व्यवस्थित संचालन

DSC04019चम्पावत। दैवीय आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों का व्यवस्थित ढंग से उपयोग कर दैवीय आपदा से आसानी से निपटा जा सकता है। ये बात आज एनडीएमए के कन्सल्टेन्ट बीबी गडनायक ने जिलास्तरीय अधिकारियों को जिला सभागार में आयोजित दो दिवसीय आपदा प्रशिक्षण कार्यशाला में संबोधित करते हुए कही। किसी भी दैवीय आपदा से निपटने के लिए प्रशासन के पास पूर्व से इन्सिडेन्ट एक्शन प्लान तैयार होना चाहिए ताकि आवश्यक मदद उपलब्ध कराने हेतु किसी भी प्रकार का विलम्ब ना हो।

कार्यशाल में घटना प्रतिक्रिया प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु विस्तार में जानकारी देते हुए विशेषज्ञ ने टास्कर्फोस टीम को गठित कर व्यवस्थित संचालन करने के दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि आपदा आने के तुरन्त बाद ही नियुक्त अधिकारी क्षेत्र में उत्पन्न विभिन्न समस्याओं को आईआरएस 001 फार्म में भर कर अपने उच्च स्तरीय अधिकारी को अवगत करायें जहाॅं से समस्याओं को संकलित एवं अध्ययन कर आवश्यक सामाग्री को तुरन्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सबसे पहले आवश्यक है कि आपदा से कितनी मात्रा में नुकसान हुआ है तथा आपदा राहत कार्यों हेतु किस-किस वस्तु की कितनी मात्रा एवं किस साईज के सामान की आवश्यकता है, उसकी मांग तुरन्त की जाए। सभी रिलीफ समान एवं राहत कार्य हेतु उपलब्ध संसाधनों का सही व सटीक समय पर उपयोग किया जाना अति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिलें में आपदा घटित होने पर सभी बचाव कार्यों के संचालन का कार्य जिलाधिकारी के दिशा निर्देशानुसार किया जायेगा तथा मूल्य नियन्त्रण हेतु ब्लाक स्तर तक समितियों का गठन करने की बात कही। उन्होंने रिलीफ कैम्प के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कैम्प में खोये हुए व्यक्तियों की जानकारी हेतु गुमशुदा केन्द्र, टेलीफोन बूथ, मेडिकल सुविधा, सुरक्षा आदि की व्यवस्था होना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने बताया कि आपदा प्रबन्धन के तहत जीआईएस सिस्टम में प्लान तैयार करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जिस पर विशेषज्ञ ने प्रस्ताव देने को कहा है। उन्होंने आपदा से सम्बन्धित उपलब्ध संसाधनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में एडीएम जेएस राठौर, सीडीओ हरगोविन्द भट्ट, एसडीएम सीएस डोभाल, एसडीएम भगतसिंह फोनिया, एसडीएम निर्मला बिष्ट, एसडीएम नरेश दुर्गापाल, प्रभारी अधिकारी जिला कार्यालय सीमा विश्वकर्मा, आपदा प्रबन्धन अधिकारी मनोज पांडेय एवं जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद थे।