केंद्र सरकार लगाएगी जोर, 2 साल में किए काम को लाएगी जनता के सामने

modi111नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी बदलाव के नारे के साथ लोकसभा चुनाव में कूदे थे। अब केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सरकारी अभियान बदलावपर ही केंद्रित होगा। इस अभियान में नीरस सरकारी आंकड़ों और भाषणों की जगह प्रचार के केंद्र में असली कहानियां और पात्र होंगे। इनके माध्यम से सरकार अपनी बात रखेगी। सरकारी योजनाओं से दूर-दराज के इलाकों और कमजोर वर्गो के जीवन में क्या बदलाव आया। दो साल की सबसे बड़ी उपलब्धि को रील नहीं, बल्कि रीयल लाइफ के चरित्र सरकारी अभियान में जीते दिखेंगे। सरकार का प्रचार अभियान पिछले साल की तुलना में आक्रामक कम होगा, लेकिन उसे जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की तैयारी की गई है।

दिल्ली-मुंबई और महानगरों से आगे केंद्रीय मंत्रियों को दूर-दराज के इलाकों में जाकर सामान्य लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने को कहा गया है। सरकार जनता को यह बताएगी कि कैसे दो वर्षो में उसका जन-जीवन बदला और ये सार्थक बदलाव कैसे पूरे समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों को 26 मई से पहले पूरे देश में 200 स्थानों पर सीधे जनता से संवाद करने का कार्यक्रम होगा। प्रचार की पूरी थीम है कि केंद्र की सत्ता में बदलाव हो चुका। पहले साल शासन के तौर-तरीकों में बदलाव दिखाया गया। अब उनसे आम जन-जीवन खासतौर से गांव-गरीब और दूरदराज के लोगों के जीवन में सुखद बदलाव आ रहा है। मोदी सरकार के दो साल पूरे होने पर चलने वाले अभियान की पूरी थीम जन-जीवन में बदलाव को वास्तविक पात्रों के साथ सामने लाया जाएगा। इसके लिए पूरे देश से असली सकारात्मक घटनाएं और पात्र चिह्न्ति कर उनकी कहानी, उन्हीं की जुबानी मंगाई गई हैं और उन्हें प्रचार-प्रसार के लिए तैयार किया जा रहा है।

इस प्रचार-प्रसार की खासियत होगी कि सरकारी फ्लैगशिप योजनायें मसलन, जन-धन, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया या डिजिटल इंडिया के वास्तविक प्रभावों को दर्शाते हुए पात्र तलाशे गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि सरकारी काम जमीन तक पहुंचाने के बाद भाषण उतने प्रभावी नहीं होते। आम आदमी खुद अपने जीवन में बदलावों को महसूस करे और उसे ही मॉडल के तौर पर सामने लाया जाए। मसलन मुद्रा लोन बांटने, एलपीजी सब्सिडी घर-घर पहुंचाने, सात हजार गांवों में बिजली लाने जैसी उपलब्धियों के तब तक मायने नहीं हैं, जब तक कि उसका फर्क न दिखाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रि परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही सभी से साफ कह दिया था कि वास्तविक जन-जीवन में बदलाव लाने और उन्हें दिखाने पर पूरी सरकार का जोर है।

इसके तहत सरकारी योजनाओं से जिनके जीवन में बदलाव आए हैं, उन्हें आगे लाकर जनता को बताया जाए और उन्हें ज्यादा से ज्यादा इन योजनाओं का फायदा लेने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही फ्लगैशिप योजनाओं में भी उन बातों को उजागर किया जाए, जिनके बारे में लोगों को कम पता है। इसी तरह ऊर्जा, सड़क क्षेत्र में सुधार, यूरिया पर नीम कोटिंग, बजट के प्रस्तावों पर तुरंत अमल, नियमों और प्रक्रियाओं में छोटे-छोटे फैसलों से आम आदमी के जीवन में कैसा गुणात्मक फर्क पड़ा है, उसे रेखांकित किया जाएगा। इसी कड़ी में लोक सेवा दिवस पर प्रधानमंत्री ने पूरे देश के जिलाधिकारियों को दिल्ली बुलाकर केंद्र की योजनाएं सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सम्मानित किया। सभी मंत्रलय भी इसी थीम पर प्रचार अभियान शुरू कर चुके हैं। अगले हफ्ते से यह और तेज किया जाएगा।